लखीमपुर खीरी: पुलिस अस्पताल संचालक को कोतवाली लाई...पूछताछ कर छोड़ा, अब बता रही फरार
लखीमपुर खीरी, अमृत विचार: नारकोटिक्स विभाग और सदर कोतवाली पुलिस की संयुक्त टीम ने भले ही बड़ी कार्रवाई कर अफसरों से वाहवाही लूट ली हो, लेकिन अस्पताल संचालक को बचाने में पुलिस कोई कसर नहीं छोड़ रही है। शनिवार को अस्पताल संचालक डॉ. खालिद खां को पुलिस कोतवाली लाई और आधी रात तक उससे पूछताछ करती रही। अब पुलिस उसे वांछित बता रही है, जिससे पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
मादक पदार्थ मेफेड्रोन बरामदगी मामले में एएनटीएफ यूनिट लखनऊ के निरीक्षक दर्शन यादव ने राकेश विश्वकर्मा पुत्र उमाशंकर निवासी ग्राम अग्गरखुर्द थाना फूलबेहड़, विक्रम सिंह पुत्र मलखे सिंह निवासी ग्राम सुजानपुर थाना धौरहरा, और मोहल्ला शिवपुरी निवासी अस्पताल संचालक डॉ. खालिद खां के खिलाफ बीएनएस की धारा 18/22 एनडीपीएस एक्ट के तहत सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया। इसकी विवेचना अपराध निरीक्षक हरि प्रकाश यादव को सौंपी गई है।
पुलिस ने आरोपी राकेश और विक्रम को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, जबकि डॉ. खालिद खां को वांछित घोषित किया गया। कोतवाली सदर के सूत्रों के मुताबिक, शनिवार को बरामदगी के बाद पुलिस ने डॉ. खालिद खां को कोतवाली लाकर पूछताछ की, लेकिन आधी रात के बाद छोड़ दिया। इस घटना की चर्चा रविवार को शहर भर में होती रही।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि डॉ. खालिद खां मादक पदार्थ की तस्करी का मास्टरमाइंड है। जानकारों का मानना है कि राजनीतिक दबाव के चलते पुलिस ने उसे छोड़ दिया, ताकि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए कानूनी विकल्पों का सहारा ले सके। खास बात यह है कि पुलिस ने अभी तक अस्पताल को सीज नहीं किया है।
महेवागंज चौकी सिपाहियों की संदिग्ध भूमिका
महेवागंज स्थित उल्ल नदी के पुल के पास बन रहा रॉयल केयर मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल लंबे समय से निर्माणाधीन है। यह क्षेत्र पहले महेवागंज पुलिस चौकी के अंतर्गत आता था, लेकिन दो महीने पहले इसे नई पुलिस चौकी सेठ घाट क्षेत्र में शामिल किया गया। बताया जा रहा है कि अस्पताल लंबे समय से अवैध मादक पदार्थों की बिक्री का केंद्र बना हुआ था। पुलिस चौकी के कुछ सिपाहियों की मिलीभगत से यह कारोबार पिछले एक साल से तेजी से चल रहा था।
नारकोटिक्स टीम से भिड़ा था अस्पताल संचालक
बताया जाता है कि जब नारकोटिक्स टीम ने सदर कोतवाली पुलिस और सेठ घाट चौकी पुलिस के साथ रेड की, उस समय डॉ. खालिद खां अस्पताल में मौजूद था। उसने टीम से बहस की और धक्का-मुक्की करने की कोशिश भी की। इसके बावजूद, पुलिस ने अब तक अस्पताल को सीज नहीं किया है।
गिरफ्तार आरोपियों का चालान किया गया है। मामले की विवेचना अपराध निरीक्षक हरि प्रकाश यादव को सौंपी गई है। अस्पताल संचालक को कोतवाली लाने की बात गलत है। पुलिस उसे और कुछ अन्य संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए संभावित स्थानों पर छापेमारी कर रही है- रमेश कुमार तिवारी, सीओ सिटी।
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