बेटी ने किया अपने पिता की बाइक का चालान

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एसपी की पहल पर एक दिन के लिए गायत्री को बनाया गया था थानाध्यक्ष सीतापुर। मानपुर थानाध्यक्ष बनी एक बेटी ने अपने पिता की बाइक का चालान कर दिया। एसपी की पहल पर गायत्री को एक दिन का थानाध्यक्ष का बनाया गया था। जिसके बाद चालान की कार्यवाही के दौरान वहां से गुजर रहे अपने …

एसपी की पहल पर एक दिन के लिए गायत्री को बनाया गया था थानाध्यक्ष


सीतापुर। मानपुर थानाध्यक्ष बनी एक बेटी ने अपने पिता की बाइक का चालान कर दिया। एसपी की पहल पर गायत्री को एक दिन का थानाध्यक्ष का बनाया गया था। जिसके बाद चालान की कार्यवाही के दौरान वहां से गुजर रहे अपने पिता की बाइक का गायत्री ने चालान कर दिया।
बतादें कि शुकवार को विश्व बाल दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह के आदेश पर एक दिन के लिए इंटरमीडिएट की छात्रा गायत्री सिंह ’स्वेता‘ को थाना प्रभारी मानपुर का पदभार दिया गया। जबकि स्नेहलता को एसआई पद सौंपा गया। शांति देवी इंटर कालेज शुक्लापुर कटिया की छात्रा गायत्री सिंह ने कार्यालय, कम्प्यूटर कक्ष, महिला हेल्प डेस्क, मेस आदि का निरीक्षण किया। कुछ समय के लिए थाना प्रभारी बनी गायत्री सिंह ने महिला हेल्प डेस्क पर आए शिकायती पत्रों का निस्तारण भी किया। सरैंयासानी व बिराहिमबाद के फरियादियों के शिकायती पत्र का संज्ञान लेकर मुकदमा दर्ज करवाया। थाने पर आने वाले फरियादियों से संवाद कर उनकी समस्या का निस्तारण किया। इसी क्रम में आरक्षी विकल सिंह समेत पांच पुलिस कर्मियों की छुट्टी स्वीकृति की। मानपुर कस्बे में लगाई गई वाहन चेकिंग के दौरान गायत्री सिंह ने अपने पिता की बाइक का चालान कर दिया। उन्होंने ई चालान के तहत करीब 12 हजार का जुर्माना भी वसूल किया। जबकि बालिकाओं ने थाना प्रभारी मानपुर राय साहब द्विवेदी से मित्रवत पुलिसिंग के गुरु भी सीखे। आलावा इसके क्षेत्र में बेहतर कानून व्यवस्था की स्थापना पर विस्तृत चर्चा की गई। क्षेत्रीय आर्यावर्त बैंक शाखा मानपुर, सरैंयासानी का निरीक्षण भी किया। इस दौरान एसआई सतीश चंद्र, हेड कांस्टेबल अरविंद यादव, विमलेश द्विवेदी, सूर्यभान सिंह, महिला आरक्षी दीपिका रावत, पूजा चैहान, निदा परवीन, लक्ष्मी समेत समस्त थाना स्टाफ की मौजूद रहा।


मैंने तो अपने दायित्यों का किया पालन


एक दिन के लिए थाना प्रभारी मानपुर बनी गायत्री सिंह से पूछा गया कि आपने आखिर अपने पिता जी का ही चालान कर दिया। इस बात पर गायत्री सिंह ने कहा कि मैंने अपने दायित्यों का निर्वहन किया है। पिता व पुत्री के रिश्ते होना एक अलग का विषय है।

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