मुरादाबाद: डिलीवरी ब्वॉय ने अमेजॉन को लगाया साढ़े आठ लाख का चूना, पुलिस ने किया गिरफ्तार
मुरादाबाद, अमृत विचार। आनलाइन शापिंग कंपनी में काम कर चुके डिलीवरी ब्याय ने कंपनी को ही चूना लगा दिया। ठग ने कंपनी की मेल आईडी व पासवर्ड का प्रयोग कर कंपनी के नाम का फर्जी एकाउंट बनाकर करीब साढ़े आठ लाख रुपए अपने खाते में डलवा लिए। सामान की डिलीवरी न होने और पेमेंट फंसने …
मुरादाबाद, अमृत विचार। आनलाइन शापिंग कंपनी में काम कर चुके डिलीवरी ब्याय ने कंपनी को ही चूना लगा दिया। ठग ने कंपनी की मेल आईडी व पासवर्ड का प्रयोग कर कंपनी के नाम का फर्जी एकाउंट बनाकर करीब साढ़े आठ लाख रुपए अपने खाते में डलवा लिए। सामान की डिलीवरी न होने और पेमेंट फंसने पर जब इसकी भनक हुई तो कंपनी के सहायक मैनेजर ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। पुलिस ने आरोपी ठग को गिरफ्तार कर उसका खाता भी फ्रीज करा दिया है। खाते में करीब साढ़े सात लाख रुपए बताए जा रहे हैं।
पुलिस लाइन में हुई प्रेसवार्ता में सीओ सिविल लाइंस कुलदीप सिंह गुनावत ने ठगी के पूरे खेल का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि एमएम लॉजिस्टिक कंपनी ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजन के वेयर हाउस चलाती है। पिछले कुछ समय से माल की डिलीवरी न होने पर पेमेंट फंसने के कारण कंपनी के मैनेजर हरेंद्र पुंडीर ने अक्टूबर में साइबर थाने में ठगी का मुकदमा कराया था। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो कंपनी में डिलीवरी ब्याय का काम करने वाला कुंदरकी थाना क्षेत्र के हुसैनपुर छिरावली निवासी विशाल चौधरी शक के दायरे में आया। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने पूरा नेटवर्क बता दिया।
बकौल सीओ आरोपी विशाल चौधरी आनलाइन अमेजन कंपनी के प्रोडक्ट आर्डर कर फर्जी तरीके से उसकी फर्जी डिलीवरी दिखाकर पेमेंट अपने खाते में मंगा लेता था। चूंकि आरोपी विशाल चौधरी पूर्व में कंपनी में डिलीवरी एसोसिएट था। उसे सारे पासवर्ड और आईडी की जानकारी थी। इसी का लाभ उठाकर उसने सबसे पहले जीमेल पर फर्जी नामों से अकाउंट बनाया और फिर उसकी मदद से अमेजन पर अकाउंट बनाकर सामान आर्डर किया। सारा सामान जब डिलीवरी हब में पहुंचा तो आरोपी साइबर ठगी शुरू करता था।
उन्होंने बताया कि आरोपी विशाल ने कंपनी को करीब साढ़े आठ लाख का चूना लगाया है। गिरफ्तारी के दौरान उससे मोबाइल फोन व सिम बरामद किए गए हैं। वहीं सीओ ने बताया कि आरोपी के एक खाते को फ्रीज करा दिया गया है, जिसमें मौजूदा समय में करीब साढ़े सात लाख रुपए हैं। साथ ही बताया कि इस फर्जीवाड़े से जमा किए गए रुपयों से वह एक अन्य कंपनी कंपनी के पोर्टल पर जाकर गोल्ड खरीदा था। जिसे बाद में बेंचकर मोटा मुनाफा कमाया था। आरोपी का चालान कर दिया गया है।
