मुरादाबाद : ठेकेदार ने मजदूरों के साथ मिलकर की थी रिटायर्ड दरोगा की हत्या, छत से फेंक दी थी लाश

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बेटे ने सोने की चेन व अंगूठी तलाशने के लिए पुलिस से की थी शिकायत, जांच में खुली पोल, ठेकेदार ने रिटायर्ड दरोगा से लिए थे दो लाख रुपये उधार, तीनों हत्यारोपी पुलिस ने जेल भेजे

मुरादाबाद। मझोला थाना क्षेत्र में रिटायर्ड दरोगा की ठेकेदार ने मजदूरों के साथ मिलकर बल्लियों से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। उसकी लाश को सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया था। ठेकेदार ने दरोगा की सोने की अंगूठी और चेन भी लूट ली। जिसके बाद बेटे को फोन कर बताया कि उसके पिता की छत से गिरकर मौत हो गई है। बेटे ने हादसा समझकर पिता के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। बाद में बेटा जब पुलिस के पास अंगूठी और चेन गायब होने की शिकायत लेकर पहुंचा तब पूरे मामले का खुलासा हुआ। सोमवार को एसपी सिटी ने इस घटना का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि थाना मझोला क्षेत्र के बुद्धि विहार में दरोगा अतेंद्र सिंह परिवार के साथ रहते थे। दो माह पहले ही वह सहारनपुर से सेवानिवृत्त हुए थे। नौकरी के दौरान अतेंद्र ने लाकड़ी बाईपास इंडस्ट्रियल एरिया में एक प्लॉट खरीदा था। रिटायर होने के बाद वह उस प्लॉट पर हॉल का निर्माण करा रहे थे। अतेंद्र ने इसके निर्माण का ठेका तीन जनवरी को रवींद्र को दिया था। रवींद्र ठेकेदारी के साथ-साथ राज मिस्त्री का भी काम करता है। बीती 19 जनवरी को दोपहर में अतेंद्र प्लॉट पर काम देखने गए थे। वह सीढ़ियों के पास खड़े होकर काम देख रहे थे और ठेकेदार को कमियां बता रहे थे। 

इसी बीच ठेकेदार ने पीछे से अतेंद्र की कमर पर जोर से लात मारी, इससे वह नीचे मुंह के बल गिर पड़े। इसके बाद रवींद्र ने अपने दो साथी मजदूरों के साथ बल्लियों से पीट-पीटकर अतेंद्र की हत्या कर दी। उनकी लाश को सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया। रवींद्र ने अतेंद्र के हाथ से सोने की अंगूठी और गले से सोने की चेन भी उतार ली। जिसके बाद अतेंद्र के बेटे अंकुर प्रताप सिंह को फोन कर कहा कि तुम्हारे पापा छत से नीचे गिर गए हैं। उनकी मौत हो गई है। यह सुनकर बेटा दौड़ता हुआ प्लॉट पर पहुंचा और पिता को कार से जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। यहां डॉक्टर ने अतेंद्र को मृत घोषित कर दिया। रिटायर्ड दरोगा की मौत से घर में कोहराम मच गया। बेटे ने हादसा मानकर पिता के शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि अतेंद्र की मौत के लगभग 15 दिन बाद 6 फरवरी को अतेंद्र के बेटे को याद आया कि उसके पिता हमेशा सोने की चेन और अंगूठी पहने रहते थे। अंतिम संस्कार के समय दोनों गायब थीं। दरोगा का बेटा मझोला थाने पहुंचा और उसने पुलिस से शक जाहिर किया कि संभवतः उसके पिता के छत से गिरने के बाद मजदूरों या फिर अस्पताल में किसी ने दोनों वस्तुएं उतार ली हैं। जिसके बाद इंस्पेक्टर मोहित चौधरी ने सबसे पहले अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज को चेक किया। जिसमें पता चला कि अस्पताल स्टाफ ने उनके हाथ या गले से कोई भी वस्तु नहीं उतारी है। इसके बाद पुलिस ने ठेकेदार रवींद्र को थाने बुलाया और पूछताछ की। पुलिस ने पूछा कि अतेंद्र छत से कैसे गिरे, वह कहां खड़े थे। तुम लोग उस समय कहां थे। इन सवालों को जवाब देते समय रवींद्र घबरा गया। इस पर थाना प्रभारी मोहित चौधरी ने कड़ाई से पूछताछ की तो वह टूट गया। 

रवींद्र ने पुलिस को बताया कि अतेंद्र की मौत छत से गिरकर नहीं हुई थी। बल्कि उसने हत्या की थी। उसने बताया कि अतेंद्र की हत्या उसने दो मजदूरों विपिन और संजय के साथ मिलकर की थी। आरोपी ने बताया उसने अतेंद्र से कुछ माह पहले दो लाख रुपये लिए थे। पैसे चुकाने के लिए ही वह उनके यहां निर्माण कार्य कर रहा था। बताया कि अतेंद्र मुझे बहुत डांटते थे। मैं उनकी गालियों से आजिज आ गया था और बदला लेने का मन बना लिया था। मैं क्या मजदूर भी परेशान हो गए थे। इसलिए हमने हत्या करने का प्लान बनाया। रवींद्र ने दोनों मजदूरों को अतेंद्र की सोने की चेन और अंगूठी देने की बात कहकर प्लान में उन्हें भी शामिल कर लिया।

ठेकेदार रविंद्र ने पुलिस को बताया कि अतेंद्र जब बीती 19 जनवरी को बिल्डिंग पर काम देखने आए तो हम तीनों ने पहले से ही उसे निपटाने का मन बना लिया था। दरोगा छत पर चेक करने पहुंचे। यहां मैंने उनके कमर में पीछे से लात मारी। अतेंद्र नीचे मुंह के बल गिर पड़े। इससे पहले वह उठ पाते मजदूरों और मैंने बल्लियों से वार करना शुरू कर दिया। अतेंद्र की मौत हो जाने के बाद मैंने अंगूठी और चेन उतार ली। फिर शव को सीढ़ियों से नीचे फेंक दिया। उसके बेटे को फोन कर छत से नीचे गिरने की झूठी कहानी बता दी। पुलिस ने रवींद्र, विपिन और संजय को रविवार रात गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को तीनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।

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