Kanpur में बीफार्मा छात्र की मौत का केस: परिजन बोले- 19 प्रतिशत उपस्थिति थी तो बताया क्यों नहीं, कोई सोची-समझी साजिश हुई
कानपुर, अमृत विचार। बिठूर थानाक्षेत्र में स्थित रामा मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में बीफार्मा छात्र नवीन गुप्ता की आत्महत्या के मामले में दूसरे दिन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों में नाराजगी दिखी। उन लोगों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि वह लोग कॉलेज गए थे। जहां नवीन के दोस्तों ने बताया कि वो कई दिनों से कॉलेज नहीं आया। बताया कि पहले सेमेस्टर में उसकी उपस्थिति सिर्फ 19 प्रतिशत ही थी। जिस पर परिवार के लोगों ने कॉलेज प्रबंधन से जानकारी की। इस पर परिजनों ने आक्रोश जाहिर करते हुए कहा कि इतनी कम उपस्थिति थी, तो उन लोगों को क्यों नहीं बताया गया। छात्र नवीन को परीक्षा में कैसे बैठने दिया। वहीं मृतक के चाचा व भाई ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन लोगों से सादे कागज पर हस्ताक्षर कराए हैं। वहीं पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिंग की पुष्टि हुई है।
रामनगर पोस्ट हरगांव जिला सीतापुर में एफसीआई कर्मी सरोज गुप्ता का 19 वर्षीय पुत्र नवीन गुप्ता का कमरा नंबर 310 में फांसी के फंदे पर शव लटकता मिला था। परिवार में मां रेनू गुप्ता के अलावा एक भाई सॉफ्टवेयर इंजीनियर शरद गुप्ता है। एक बहन नेहा गुप्ता जो कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही है। भाई शरद गुप्ता ने बताया कि नवीन ने मंगलवार को मां रेनू से आखिरी बार बात की थी। उसने कहा था कि सब ठीक है। मां ने पूछा भी था कि कोई समस्या तो नहीं है तब भी उसने कोई बात नहीं बताई। इसके बाद अन्य लोगों से बात कर फोन रख दिया था। इसके बाद वह लोग आराम करने चले गए थे। बताया कि बुधवार को वह लोग अपने-अपने काम में व्यस्त थे।
तभी साढ़े चार बजे के बाद कॉलेज प्रबंधन ने मां को नवीन की आत्महत्या करने की जानकारी दी। जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। परिजनों का आरोप था कि कॉलेज प्रबंधन ने उसे रिजल्ट के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। जब घटना हुई तो बिना उन लोगों के इंतजार न करके शव क्यों फंदे से उतार लिया। आरोप लगाया कि हॉस्टल वार्डन ने कभी क्यों नहीं बताया कि वह अपने रूम पर रह रहा है। उन लोगों को नवीन का मोबाइल नहीं देखने दिया और फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया। आरोप है, कि पंचायतनामा में लिखा कि परिवार की मौजूदगी में शव निकाला गया, जबकि वह लोग वहां थे ही नहीं। परिजनों का आरोप है, कि पुलिस ने लिखापढ़ी में दिया कि उनके सामने दरवाजा तोड़ा गया।
मगर सिपाहियों ने बताया कि उनके सामने कोई दरवाजा नहीं तोड़ा गया। अलग-अलग लोगों की अलग-अलग बातों से कुछ समझ नहीं आ रहा है। परिजनों का आरोप था कि ऐसा लगता है, कि नवीन के साथ कुछ जरूर गलत हुआ है। आरोप है, कि ये सुसाइड नहीं बल्कि सोची समझी कोई साजिश है। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दोस्त मतीन ने बताया कि 8 फरवरी को उसकी और नवीन की आखिरी बार बात हुई थी। उस समय भी उसने ऐसा कुछ नहीं कहा जिससे लगे कि वो अवसाद में हैं। मतीन ने बताया कि उसने यह जरुर कहा था कि वो कॉलेज नहीं गया और रूम पर ही है। इस संबंध में एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडेय ने बताया कि परिजनों ने अभी तक कोई तहरीर नहीं दी है। आरोपों की जांच की जा रही है।
