Exam Fever: परीक्षा के तनाव से बचाता है योग और ध्यान, एक्टिवेट होगा माइंड

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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मार्कण्डेय पाण्डेय, लखनऊ, अमृत विचार: योग और प्राणायाम सिर्फ शारीरिक ही नहीं मानसिक तौर पर भी हमें स्वस्थ बनाता है। नियमित योगाभ्यास करने वालों का मनोबल अन्य की तुलना में अधिक मजबूत होता है। छात्रों को योग प्राणायाम का अभ्यास नियमित करना चाहिए इससे वह परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं और तनाव को दूर रख सकते हैं। योग विभाग के विशेषज्ञों और मनोविज्ञान के जानकारों का कहना है कि नियमित 30 मिनट का योगाभ्यास छात्रों के अनेक समस्याओं का समाधान है।

परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राओं में अनजान भय व्याप्त हो जाता है। जिसके कारण कई बार उन्हें अत्यधिक नींद आना अथवा नींद के गायब हो जाने की शिकायत होती है। मनोविज्ञान के जानकार डॉ. प्रशांत त्रिपाठी बताते हैं कि कई बार अनजाना भय पैदा हो जाता है। आज के समय में छात्रों पर नंबर लाने का दबाव है जिसके कारण सिरदर्द, सुस्ती, बेचैनी, चिडचिड़ापन जैसी समस्याएं परीक्षा के दिनों में छात्रों में आ जाती है। कई बार छात्रों को यह तनाव डिप्रेसन की ओर ले जाता है। ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय में योग विभाग के मो. शारिक बताते हैं कि योग केवल आसन व ध्यान तक सीमित नहीं है अपितु यह एक जीवन शैली है। जिससे विश्व में भाईचारा और शांति स्थापित करने के साथ हम अपने जीवन में आनंद की बढोत्तरी कर सकते हैं।

तनाव पैदा करने वाले हार्मोन
कार्टिसोन, एडीनैलीन हामोर्न बढ़ जाता है जिससे तनाव, चिड़चिड़ापन और क्रोध पैदा होता है। इसके कारण उच्च रक्तचाप की समस्या आ जाती है।

तनाव दूर करने वाले हार्मोन
सेरेटोमीन, डोपामीन और आक्सीटोसीन हार्मोन के स्राव से व्यक्ति प्रसन्नचित्त और तनावमुक्त रहता है। इन हार्मोन को सक्रिय करने का सबसे अच्छा माध्यम ध्यान है।

इन आसनों का छात्र करें अभ्यास
वृक्षासन, भुजंगासन, शीर्षासन, पदमासन के साथ ही विद्यार्थियों को प्राणायाम में उज्जायी, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम का अभ्यास करना चाहिए।

कितनी देर करें अभ्यास
विद्यार्थी सुबह अथवा शाम को 30 से 40 मिनट योग प्राणायाम का अभ्यास करें तो बेहतर होगा। इसमें 10 से 12 मिनट योग, इतनी ही देर प्राणायाम और शेष समय ध्यान करना चाहिए।

इनका भी करें अभ्यास
सात्विक आहार-विहार, तेल मशाला और उत्तेजक आहार नहीं लेना चाहिए। फल, हरी सब्जियों और गुनगुने दूध का प्रयोग अवश्य करना चाहिए।

छात्रों के बौद्धिक विकास और तनाव दूर करने के लिए योग, प्राणायाम और ध्यान से अच्छा कुछ नहीं है। ध्यान से शरीर में आनंद प्रदान करने वाले हार्मोन का स्राव बढ़ जाता है। परीक्षा के दौरान भी छात्रों को समय मिले तो 10-15 मिनट ध्यान कर लेना चाहिए। इसके अलावा अपने पाठ़यक्रम का व्यवस्थित समय सारणी बनाकर धैर्यपूर्वक अभ्यास जारी रखना चाहिए।
डॉ. अमरजीत यादव, योग विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय

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