कानपुर प्राणि उद्यान में हनु की हो रही विशेष देखभाल: चिड़ियाघर गेट पर पिंजड़ा सहित छोड़ गया था कोई
कानपुर, अमृत विचार। दस दिन के बेजुबान हनु (लंगूर) को कोई बंद पिंजड़े में प्राणि उद्यान के बाहर छोड़ गया। पिंजड़े में बंद लंगूर को जब सिक्योरिटी गार्ड ने देखा तो इसकी जानकारी चिड़ियाघर प्रशासन को दी। पिंजड़ा खोला तो हनु उसकी गोद में बैठ गया। लंगूर का नामकरण करने के साथ अब प्राणि उद्यान के उप निदेशक व पशु चिकित्साधिकारी उसकी विशेष देखभाल कर रहे हैं।
प्राणि उद्यान के सिक्योरिटी गार्ड विनोद ने बताया कि पिंजड़े में बंद लंगूर चिल्ला रहा था। नजर पड़ी तो उसे बाहर निकाला और वह गोद में बैठ गया। इसकी जानकारी उप निदेशक के साथ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनुराग सिंह को दी। डॉ. अनुराग ने लंगूर का चेकअप किया और नर होने के कारण उसका नाम हनु रखा। डॉ. अनुराग ने बताया कि हनु स्वस्थ हैं और उसकी अच्छी देखभाग की जा रही है।
10 दिन का होने के कारण उसे अपनी मां की गोद याद आ रही है। जिस कारण वह गोद में रहना ज्यादा पंसद कर रहा है। उसे पिंजड़े नींद नहीं आती है। गोद में आते ही आराम से सो जाता है। गोद में बैठकर वह अपनी नींद पूरी कर लेता है। मां से बिछड़ने के कारण कुछ मायूस रहता है। हालांकि पूरी तरह स्वस्थ है। बच्चों की बोतल से उसे दूध पिलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि उसे गुरुवार को कोई छोड़कर चला गया था। हनु बच्चों के साथ भी घुलमिल रहा है। अभी उसका पशु चिकित्सा अधिकारी देखरेख कर रहे हैं। जब वह मिला बीमार भी था। दस्त और उल्टियां आ रही थीं। इलाज से आराम मिला है, लेकिन मानसिक और भावनात्मक रूप से अभी दिक्कत है। उसे फल, चिप्स और दूध दिया जा रहा है। मेल लंगूर होने के कारण नाम हनु रखा है।
