Amroha : श्री झारखंड महादेव शिवाला मंदिर पर होती है मुराद पूरी, मंदिर में भगवान भोलेनाथ निराकार रूप में है विराजमान

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Published By Bhawna
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हसनपुर, अमृत विचार। नगर के झकड़ी चौराहे के निकट स्थित प्राचीन श्री झारखंड महादेव शिवाला मंदिर की स्थापना लगभग 200 वर्ष पहले हुई थी। शिवाला मंदिर आसपास के क्षेत्रों के साथ कई जिलों में आस्था का केंद्र बना हुआ है। श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर में स्थापित भोलेनाथ से जो भी भक्त सच्चे मन से मुराद मांगता है वह अवश्य पूरी होती है। हर वर्ष महाशिवरात्रि पर्व पर शिवाला मंदिर पर हजारों की संख्या में शिव भक्त कांवड़ियों द्वारा गंगाजल भगवान भोलेनाथ पर चढ़ाया जाता है। श्रद्धालु मंदिर में पहुंचकर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना कर घर परिवार की खुशहाली की कामना करते हैं।

शिवाला मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित सतवीर गिरी ने बताया कि शुरुआत में यहां भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में प्रकट हुए थे। जिनकी श्रद्धालु सच्चे मन से पूजा अर्चना करते हैं। श्रद्धालुओं की मनोकामना पूर्ण होने के कारण शिवाला मंदिर क्षेत्र का सिद्ध स्थल बन गया है। नगर के साथ दूरदराज के भक्त भी शिवाला मंदिर में आकर पूजा अर्चना करते हैं और भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से मन की मुराद पाते हैं।

200 वर्ष पुराना है श्री झारखंड महादेव मंदिर का इतिहास 
बताया जाता है कि इस मंदिर का नाम श्री झारखंड महादेव शिवाला मंदिर इसलिए पड़ा कि खुद भोलेनाथ शिवलिंग रूप में झाड़ियों के बीच में विराजमान थे। कहा जाता है कुछ ग्वाले यहां पर घास काट रहे थे। घास काटते समय एक ग्वाले द्वारा भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग को पत्थर समझ कर दरांती पर धार लगाने लगा। रात को सोते समय ग्वाले ने भगवान भोलेनाथ ने सपने में दर्शन दिए और यहां पर विराजमान होने की बात कही। इस बात की चर्चा ग्वाले ने अपने मित्रों एवं सामाजिक लोगों से किया गया और फिर यहां पर मंदिर का निर्माण हुआ।

मंदिर प्रांगण में अन्य देवी-देवता भी है विराजमान 
श्री झारखंड महादेव शिवाला मंदिर के प्रांगण में अन्य देवी देवताओं की भी मूर्ति विराजमान हैं। जैसे मां दुर्गा, मां सरस्वती, मां काली, राधा कृष्ण, राम दरबार, महालक्ष्मी, भगवान गणेश, मां गंगा, पवन पुत्र हनुमान, लक्ष्मी नारायण, शेषनाग भगवान, भैरव बाबा, भगवान शनिदेव, मां मनसा देवी एवं खाटू श्याम की मूर्ति स्थापित हैं। नगरवासी प्रतिदिन प्रात श्री झारखंड महादेव शिवाला मंदिर पहुंचकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करके पूजा अर्चना करते हैं।

श्री झारखंड महादेव शिवाला मंदिर की स्थापना लगभग 200 वर्ष पूर्व हुई थी। मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ शिवलिंग के रूप में स्थापित हैं और महाशिवरात्रि पर्व पर हर वर्ष शिवाला मंदिर पर क्षेत्र के शिव भक्तों द्वारा गंगाजल चढ़ाया जाता है। - अंकुर अग्रवाल, प्रबंधक, श्री झारखंड महादेव शिवाला मंदिर

श्री झारखंड महादेव शिवाला मंदिर पर जनपद के अलावा गैर जनपद के भी भक्त आकर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं और मुराद मांगते हैं। भक्तों की पूजा से प्रसन्न होकर भगवान शंकर उनकी मुराद पूरी करते हैं। श्री झारखंड महादेव शिवाला मंदिर का इतिहास बहुत पुराना है। - पंडित सतवीर गिरी, मुख्य पुजारी

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