Jalaun में सेवानिवृत्त शिक्षक की निर्मम हत्या: योगा करते समय धारदार हथियार से सिर पर किया वार, जानिए पूरा मामला
जालौन, अमृत विचार। सड़क किनारे पुलिया पर बैठकर योगा कर रहे रिटायर्ड शिक्षक व तीन प्राइवेट विद्यालयो के संचालक के सिर पर किसी घातक हथियार के द्वारा पीछे से वार कर निर्मम हत्या कर दी गई है। सूचना पर पहुची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी।
रामपुरा थाना अंतर्गत ग्राम सिलउआ जागीर निवासी विद्याराम आजाद पुत्र लखूराम उम्र लगभग 68 वर्ष रविवार की सुबह गांव से लगभग 200 मीटर दूर भीमनगर ऊंचा की तरफ माइनर की पुलिया पर बैठकर योगा कर रहे थे। उसी समय किसी ने घातक हथियार से उनके सिर पर पीछे से हमला कर निर्मम हत्या कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार विद्याराम सेवानिवृत शिक्षक एवं वर्तमान में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर इंटर कॉलेज भीमनगर (ऊंचा) ,डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जूनियर हाई स्कूल भीमनगर एवं शिक्षा निकेतन प्राइमरी पाठशाला भीम नगर तीन विद्यालयों के संचालक है एवं उनकी पत्नी श्रीमती प्रेमा देवी इन तीनों विद्यालयों की प्रबंधक है।
पुलिस के अनुसार हमला काफी पास से किया गया हैं, तेज वार से गर्दन धड़ से अलग तो नही हुई पर शव योग मुद्रा में उसी माइनर की पुलिया से नीचे गिरा पड़ा मिला। शव के आसपास मांस ही मांस के लोथड़े एवं खून फैला पड़ा था। पुलिया पर रक्त रंजित शव को पड़ा देखा किसी राहगीर ने इसकी सूचना ग्राम सिलउआ जागीर में लोगों को दी तब लोगों ने जाकर देखा की किसी ने विद्याराम आजाद मास्टर की हत्या कर दी है। उनके तीन पुत्रों में अजीत कुमार उर्फ गुड्डू दिल्ली रहते हैं व दिनेश कुमार उर्फ राम जी तथा रामखिलावन घर पर ही रहकर अपने पिता के कार्यों में हाथ बंटाते हैं।
सूचना पाकर रामपुरा थानाध्यक्ष संजीव कुमार कटियार ,उप निरीक्षक दिनेश ,उप निरीक्षक हर्षवर्धन, उपनिरीक्षक रामकिशोर, उप निरीक्षक सुनील यादव सहित कई उप निरीक्षक पुलिस दल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंच गए व घटना की सूचना उच्चाधिकारियों को दे आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए उरई भेजा है।।
विद्यालय प्रबंधन को लेकर चल रहा था विवाद
रिटायर्ड शिक्षक विद्याराम आजाद की हत्या का कारण तो स्पष्ट नहीं है लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि एक विद्यालय में प्रबंधन को लेकर लगभग 4 वर्ष से उनका विवाद चल रहा था। शायद यह घटना उसी का परिणाम हो।
चार वर्ष पूर्व हुई थी पोती की हत्या
मृतक आजाद की पोती भावना पुत्री राम जी की लगभग 4 वर्ष पूर्व 2020 में उस समय हत्या हो गई थी। जब वह उरई में रहकर एएनएम का कोर्स कर रही थी।
उक्त घटना से आक्रोशित परिजनों व ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा मृतक के शव को पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए उठा कर ले जाने का जमकर विरोध किया व पुलिस अधीक्षक को बुलाने की मांग करने लगे, तब क्षेत्राधिकारी माधौगढ़ डॉ राम सिंह एवं थाना अध्यक्ष रामपुरा संजीव कुमार कटियार ने ग्राम वासियों से सहयोग मांगते हुए घटना के दोषियों के प्रति सख्त कार्रवाई का आश्वासन। तब ग्रामीण माने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
संदिग्धों की धर पकड़ जारी
घटना की तहरीर मिलने एवं एफआईआर दर्ज होने से पूर्व ही पुलिस ने सक्रियता बरतते हुए पूछताछ के लिए कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया है।
पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों को न्याय दिलाने का दिया आश्वासन
उक्त घटना के कुछ देर बाद ही पुलिस अधीक्षक डॉक्टर दुर्गेश कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण कर ग्रामीणों व मृतक के परिजनों को आश्वस्त किया कि अपराधी चाहे जो भी हो उसे चिन्हित करके शीघ्र पकड़ कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
