चित्रकूट में गृहमंत्री अमित शाह ने भारतरत्न राष्ट्रऋषि को श्रद्धांजलि दी, बोले- राजनीति त्यागकर नानाजी ने प्रस्तुत किया उदाहरण...
चित्रकूट, अमृत विचार। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि साठ साल की आयु में राजनीति त्यागकर नानाजी देशमुख ने राजनेताओं के सामने एक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय की अंत्योदय और एकात्म मानववाद की परिकल्पना को जमीन पर उतारा।
अमित शाह गुरुवार को तीर्थक्षेत्र के मप्र अंतर्गत दीनदयाल शोध संस्थान में भारतरत्न नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि पर कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग का जीवन युगों तक असर छोड़ता है तो कुछ लोग युग को परिवर्तनकारी बनाते हैं। नानाजी उनमें से एक थे। उन्होंने दीनदयाल जी के साथ जनसंघ की नींव रखी और राजनीति के अजातशत्रु के रूप में जीवन जिया।
गृहमंत्री ने कहा कि आज की राजनीति में यह बहुत कठिन है कि आपकी आलोचना न हो पर नानाजी के कामों की पक्ष और विपक्ष दोनों ने सराहना की। उनका जीवन जलकमलवत् रहा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जब देश के लोग नेहरू सरकार की नीतियों को लेकर निराश थे, नानाजी और पं. दीनदयाल उपाध्याय ने ऐसी नीतियां दीं, जो पार्टी नहीं देश के विकास के लिए थीं।
आज भाजपा उन्हीं नीतियों के आधार पर देश नहीं बल्कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी बन चुकी है और देश के विकास के लिए काम कर रही है। इमरजेंसी के समय नानाजी ने अन्य नेताओं के साथ मिलकर जनता पार्टी की स्थापना की और जनता ने इंदिरा गांधी को हरा दिया। इसके पूर्व गृहमंत्री ने परिसर में पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर संत मोरारी बापू, मप्र के मुख्यमंत्री मोहन यादव और अन्य जनप्रतिनिधि, समाजसेवी आदि मौजूद रहे।
