बरेली: छात्रवृत्ति में आधार कार्ड की अनिवार्यता बनी मुसीबत

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति में आवदेन करने के लिए आधार की अनिवार्यता से सैकड़ों विद्यार्थी मुसीबत में फंस गये हैं। आधार के फेर और शासन के नए नियमों के चलते वह आवेदन नहीं कर पा रहे। इसके अलावा भी कई अन्य तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।विभागीय अधिकारी बताते हैं …

बरेली, अमृत विचार। छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति में आवदेन करने के लिए आधार की अनिवार्यता से सैकड़ों विद्यार्थी मुसीबत में फंस गये हैं। आधार के फेर और शासन के नए नियमों के चलते वह आवेदन नहीं कर पा रहे। इसके अलावा भी कई अन्य तरह की समस्याओं से जूझना पड़ रहा है।
विभागीय अधिकारी बताते हैं कि जनपद के सभी शिक्षण संस्थानों में नए सत्र में प्रवेश लेने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया गया है। इसी आधार कार्ड से मिलान कर छात्रवृत्ति भी दी जाएगी।

पूर्व की व्यवस्था में इंटर, डिग्री और आईटीआई आदि कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थी छात्रवृत्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन करते हैं। इस दौरान आधार कार्ड तो लगाया जाता था मगर उसका मिलान विद्यार्थियों के दूसरे डाटा से नहीं किया जाता था। अब समाज कल्याण निदेशालय ने आधार कार्ड में लिखे नाम और जन्मतिथि का मिलान हाईस्कूल की अंकतालिका से करने का नियम लागू किया है। अब आवेदन पत्र भरते समय वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) लिखना होता है। जो आधार कार्ड में लिखे मोबाइल नंबर पर भेजा जाता है।


विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, बहुत से विद्यार्थी ऐसे हैं जिनके आधार कार्ड में जन्मतिथि गलत है। वहीं, विवाहित छात्राओं का सरनेम बदलने से भी दिक्कत आ रही है। छात्राओं के मामले में ही ज्यादातर ऐसा हो रहा है कि उनके आधार कार्ड में उनके पिता का मोबाइल नंबर जुड़ा है जबकि वे ससुराल में रह रही हैं। ऐसे में उन्हें ओटीपी नंबर नहीं मिल पाता। इस कारण आवेदन नहीं हो पा रहा है। जिला समाज कल्याण अधिकारी मीनाक्षी वर्मा ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया अभी चल रही है। छात्र-छात्राएं समय रहते आधार कार्ड में संशोधन करा लें।

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