बरेली: पतंगबाजी बनी ट्रेनों की राह की रुकावट, ओएचई लाइन में फंसा रहा मांझा

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार: पतंगबाजी ट्रेन संचालन में बाधा बन रही है। उत्तर पूर्व रेलवे (एनईआर) के इज्जतनगर मंडल के अंतर्गत कई रेलमार्गों पर पतंग के मांझे ओवरहेड इलेक्ट्रिक (ओएचई) लाइन में उलझ कर समस्या पैदा कर रहे हैं। इससे ट्रेनों की आवाजाही पर असर पड़ रहा है। यात्रियों को भी असुविधा झेलनी पड़ रही है।

सबसे अधिक प्रभावित खंडों में बरेली सिटी–कलेक्टरबकगंज, रामपुर–चामरा और हल्दी रोड–लालकुआं रेल खंड शामिल है। इन इलाकों के आसपास के रिहायशी क्षेत्रों से आए दिन पतंगबाजी की जा रही है। जब पतंग कटकर उड़ती है, तो उसका नायलॉन या चाइनीज मांझा ओएचई तारों में उलझ जाता है।

यह न केवल विद्युत प्रवाह में रुकावट पैदा करता है, बल्कि शॉर्ट सर्किट का खतरा भी बढ़ाता है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ओएचई लाइन में मांझा फंसने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

इससे न केवल ट्रेनें देरी से चल रही हैं, बल्कि कई बार उन्हें बीच रास्ते में रोकना पड़ता है। रेलवे की तकनीकी टीमें इन घटनाओं से निपटने के लिए त्वरित कार्रवाई कर रही हैं, लेकिन बार-बार की परेशानी से संचालन व्यवस्था गड़बड़ा रही है।

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि रेलवे ट्रैक के आसपास पतंगबाजी न करें। उन्होंने कहा कि यह न केवल रेलवे संपत्ति को नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि जानमाल का खतरा भी उत्पन्न हो सकता है। रेल प्रशासन ने जिला प्रशासन से भी इस संबंध में सहयोग मांगा है,

ताकि संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाई जा सके। रेलवे ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति ओएचई क्षेत्र के आसपास पतंग उड़ाते हुए पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।

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