बरेली: सड़क, सीवर, पुल के आधे-अधूरे निर्माण परेशानी का सबब
अमृत विचार, बरेली। निर्माणाधीन प्रोजेक्ट शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। विकास कार्य की गति धीमी होने के साथ ही सुनियोजित कार्ययोजना का अभाव लोगों पर भारी पड़ रहा है। कई माह से सड़क व गलियां खुदी पड़ी हैं। वहां पसरा मलबा और निर्माण सामग्री के कारण लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। …
अमृत विचार, बरेली। निर्माणाधीन प्रोजेक्ट शहरवासियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। विकास कार्य की गति धीमी होने के साथ ही सुनियोजित कार्ययोजना का अभाव लोगों पर भारी पड़ रहा है। कई माह से सड़क व गलियां खुदी पड़ी हैं। वहां पसरा मलबा और निर्माण सामग्री के कारण लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं। इसकी शिकायत करने के बावजूद वो इस दिशा में कोई पहल नहीं कर रहे हैं।
सच तो यह है कि शायद ही कोई ऐसा इलाका हो जहां नाला, सड़क, सीवर और मुख्य मार्ग पर सीवर ट्रंक लाइन के लिए गहरे गड्ढे न खोदे गए हों। कई ऐसी जगहें हैं जहां स्लैब उखड़ा होने के कारण लोग गिरकर घायल हो रहे हैं जबकि इसके कारण शहर में आने जाने वाले लोगों को चंद कदमों की दूरी तय करने में घंटों का समय लग रहा है।
शहर में सीवर, पानी, सड़क, नाला और ओवरब्रिज निर्माण के कार्य चल रहे हैं। अधिकतर कार्य तय समय पर नहीं हो पा रहे हैं। ठेकेदार मन मर्जी से कार्य कर रहे हैं। इसके चलते शहर में विकास के नाम पर सड़क व गलियां खुदी पड़ी हैं। जगह-जगह पसरा मलबा व निर्माण सामग्री के साथ ही जगह-जगह गढ्डों के कारण लोगों की दुश्वारिया बढ़ गई है।
जाड़े के मौसम में कोहरा के दौरान सबसे अधिक परेशानी लोगों को झेलनी पड़ेगी। कहीं डिवाइडर बना दिए हैं तो कहीं छोड़ दिए हैं। इसके अलावा जहां डिवाइडर हैं, वहां रेडियम लगा है न ही कोई संकेतक। ऐसे में रात में वाहन चालक हादसों का शिकार हो सकते हैं। कुछ जगहों पर एक बड़ी समस्या यह आ रही है कि डिवाइडर की ऊंचाई भी बेहद कम है। पुलों के सर्विस लेन पर लोगों का चलना दूभर हो गया है। सेटेलाइट और श्यामगंज पुल के आधे अधूरे सर्विस लेन के कारण लोगों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
सेटेलाइट पुल को इसी साल मार्च में पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन करीब बिलंब से पुल निर्माण से आए दिन जाम की स्थिति रहती है। सेंट्रल जोन के सीवर ट्रंक लाइन का कार्य जुलाई माह में पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन अभी तक 12.500किमी ट्रंक लाइन में केवल पांच किमी ट्रंक लाइन का कार्य हो पाया है।
चार माह से लटका है काम
अयूब खां से कालीबाड़ी तक ट्रंक सीवर लाइन का काम करीब चार माह से अधिक समय से हो रहा है। इसके बावूजद अभी पूरा नहीं हो पाया है। नगर निगम के 14 वें वित्त के बजट पर काफी समय तक रोक लगने के कारण वार्डों में नाला और सड़क का कार्य रुका रहा। श्यामगंज से सेटेलाइट बस स्टेशन तक की सड़क निर्माण की गति धीमी होने से लोगों को अभी भी गड्ढायुक्त सड़क से आना-जाना पड़ रहा है। लालफाटक के ओवरब्रिज के निर्माण का मामला अटकने के कारण लोगों के सामने मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
लाकडाउन में नहीं की पहल
चौपुला पुल के निर्माण के लिए लाकडाउन का समय काफी बेहतर था लेकिन उस समय कार्य कराने की दिशा में कोई पहल नहीं की गई। जिम्मेदार मजदूर न मिलने की बात करते रहे। लोक निर्माण विभाग की सड़कों के निर्माण के लिए बजट न होने की वजह से जनपद की 150 से अधिक सड़कें जर्जर हालत में हैं। इससे ग्रामीण इलाके में लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
