खतरनाक कार्यों के लिए जान जोखिम में न डालें सफाई कर्मी- एके शर्मा
लखनऊ, अमृत विचार। नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि सफाई कर्मी खतरनाक कार्यों के लिए जान जोखिम में न डालें। बिना सेफ्टी किट के सीवर व नालों की सफाई न करें। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मियों की समस्याओं का शीघ्रता से निस्तारण कराया जाएगा। नगर विकास मंत्री रविवार को रवीन्द्रालय में आयोजित दलित समाज चिंतन सम्मेलन को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे। उन्होंने महर्षि वाल्मीकि व डॉ. भीमराव आंबेडकर के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर व दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
उन्होंने कहा कि अब किसी सफाई कर्मी को मेनहोल में सीवर सफाई के लिए नहीं उतरना पड़ता है। मशीनों की मदद से सफाई की जा रही है। मेनहोल को अब ‘मशीनहोल’ बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि सभी 762 नगरीय निकाय सफाई कर्मियों की बदौलत प्रदेश वैश्विक नगर बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि नगर विकास मंत्री के रूप में वह प्रदेश के सबसे बड़े सफाई कर्मी हैं, इसलिए सफाई कर्मियों का शोषण किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इनका शोषण करने व उन्हें आर्थिक हानि पहुंचाने पर संबंधित कार्मिकों व ठेकेदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। कार्यक्रम में सदस्य राज्य अनुसूचित जाति एवं जनजाति आयोग उमेश कठेरिया, सांसद पूर्व राज्यमंत्री अनूप प्रधान वाल्मीकि, अध्यक्ष धानुक समाज सोनू धानुक, प्रदेश अध्यक्ष उत्तर प्रदेश सफाई कर्मचारी संघ सुंदर बाबू चंचल, चंदन धानुक, गौरव वाल्मीकि आदि शामिल हुए।
सरकारी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश
नगर विकास मंत्री ने कहा कि सभी नगरीय निकाय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने निकाय में एक सेल गठित कर सफाई कर्मियों को सरकारी योजनाओं जिसमें रसोई गैस, आवास, शौचालय, राशन व आयुष्मान कार्ड, पेंशन योजना, पुत्री विवाह जैसी सुविधाएं सफाई कर्मियों को दिलाने का प्रयास करें। कार्यक्रम में वाल्मीकि महापंचायत की ओर से सात सूत्री ज्ञापन दिया गया, जिसमें सफाई कर्मियों की वेतन विसंगतिया, जीपीएफ, सेवा सुरक्षा, न्यूनतम वेतन की व्यवस्था, सुरक्षा और आउटसोर्स व संविदा सफाई कर्मियों के शोषण आदि समस्याओं का निस्तारण करने की मांग की गई।
