बदायूं : सफेद हाथी बन चुका है सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
उझानी, अमृत विचार। नगर में स्वास्थ्य सेवाएं अब भगवान भरोसे हैं । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अब सफ़ेद हाथी बनकर रह गया है। जिससे मरीजों को झोला छाप डाक्टरों की शरण लेनी पड़ रही है।
सोमवार को पहुंचे तमाम मरीजों को अस्पताल के जन्म मृत्यु कक्ष में ताले पड़े मिले। लोगों ने बताया कि यहां का स्टाफ अपनी मर्जी का मालिक है । जब मर्जी होती है सेवा शुरू हो जाती है, जब मर्जी होती है सेवाओं पर ताला जड़ जाता है। कमोबेश यही स्थिति कूल रूम की है। जहां अक्सर ताला लटका रहता है। धरती के भगवान कहे जाने वाले डॉक्टर भी खुद अपनी मर्जी के मालिक हैं। ऐसे में मरीजों को इधर उधर भटकना अब उसकी मजबूरी बन गई है। सबसे बड़ी दिक्कत गर्भवती महिलाओं को होती है। जो प्रसव पीड़ा से छटपटाती हैं तो उन्हें देखने वाला कोई नहीं होता। जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए लोगों को घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती है। तीमारदारों के लिए भी समुचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से स्थानीय लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है जिससे लोगों में भारी रोष है।
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