बाराबंकी: लोधेश्वर महादेव मंदिर में बवाल, दलित युवक को पूजा से रोका, जातिसूचक टिप्पणियों के साथ मारपीट का आरोप, जानें क्या बोला पुजारी पक्ष

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रामनगर/बाराबंकी, अमृत विचार। जनपद के रामनगर थाना क्षेत्र स्थित ऐतिहासिक लोधेश्वर महादेव मंदिर में सावन माह के पहले दिन उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब मंदिर में पूजा करने पहुंचे एक दलित युवक के साथ कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी करते हुए मारपीट की गई। घटना के बाद मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित शैलेंद्र प्रताप गौतम ने आरोप लगाया है कि वह गुरुवार शाम लोधेश्वर महादेव मंदिर में पूजा करने गए थे, जहां पुजारी पक्ष के अखिल तिवारी, शुभम तिवारी और आदित्य तिवारी ने उन्हें यह कहते हुए पूजा से रोक दिया कि "तुम चमार बिरादरी से हो, पूजा नहीं कर सकते।" शैलेंद्र के अनुसार, जब उन्होंने इसका विरोध किया तो आरोपितों ने पूजा सामग्री—लोटा और घंटा—से उनके ऊपर हमला कर दिया, जिससे उन्हें सिर और शरीर में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें रामनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

इस मामले में पुजारी पक्ष ने भी अपना पक्ष सामने रखा है। पुजारी आदित्य तिवारी ने शैलेंद्र के आरोपों को नकारते हुए कहा कि मंदिर में नंदी जी की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा हो रही थी और उनका परिवार पूजा में व्यस्त था। इसी दौरान शैलेंद्र ने उनकी बहू पर आपत्तिजनक व अश्लील टिप्पणी की। जब उनके बेटे ने टोका, तो शैलेंद्र ने बहस शुरू कर दी और बात हाथापाई तक पहुंच गई।

पुजारी ने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं मंदिर में झगड़ा होते देख बेटे को डांटा और मामले को शांत करने की कोशिश की। उनका कहना है कि शैलेंद्र ने पहले अभद्र व्यवहार किया, जिसके कारण स्थिति बिगड़ गई। कोतवाल अनिल पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त हुई है और उनके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है, और जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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