प्रसूता के गलत टांके लगने पर परिजनों ने किया हंगामा

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हल्द्वानी, अमृत विचार: जवाहर नगर बनभूलपुरा निवासी एक प्रसूता का प्रसव डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय अस्पताल में हुआ था। सामान्य प्रसव के बाद महिला के टांके भी लगाए गए। परिजनों का आरोप है कि टांके गलत लगाए गए थे, इस वजह से प्रसूता को दोबारा लाना पड़ा। दोबारा भी गलत टांके लग गए जिस वजह से उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा, जहां उसकी हालत खराब है।

मो. सईद सलमानी ने बताया कि उनकी बहु का प्रसव एसटीएच में 15 जुलाई को हुआ था। सामान्य प्रसव के बाद उनकी बहु घर चली गई। घर जाने से पहले उनकी बहु के टांके भी लगाए गए थे। आरोप है कि टांके खुल गए, जिसके बाद प्रसूता को दोबारा 19 जुलाई को अस्पताल लाया गया। दोबारा टांके लगाकर प्रसूता को घर भेजा गया। इसके बाद भी प्रसूता के टांके खुल गए। परिजनों का आरोप है कि दोबारा जब टांके लगाए गए तो गलत तरीके से लगाए गए। जिस वजह से प्रसूता का मल-मूत्र होना ही बंद हो गया। अब परिजन मंगलवार को उसे अस्पताल में लेकर पहुंचे और यहां जमकर हंगामा किया। प्रसूता के परिजनों ने कहा कि यहां जब उन्होंने संबंधित डॉक्टर से बात की तो उन्होंने समस्या समझने की जगह सही से बात नहीं की। इस वजह से मामला और भी बढ़ गया। यह हंगामा काफी देर हुआ। मौके पर अस्पताल के सुरक्षा गार्डों को भी बुलाना पड़ा। परिजनों का कहना था कि उनकी बहु की जान पर बन आई है। 

प्रसूता को टांके लगने के बाद दिक्कत हो रही थी। कभी-कभी गलत कट लग जाता है। यह एक सामान्य परेशानी है जो आ जाती है। हालांकि टांके लगने की वजह से उसे दर्द हो रहा था जिससे उसको मल-मूत्र में दिक्कत आ रही थी। मैंने स्वयं मौके पर जाकर मरीज का निरीक्षण किया है और साथ ही स्त्री व प्रसूति रोग विभाग के डॉक्टरों को समझाया है कि मरीजों के साथ अच्छा व्यवहार रखें। महिला को भर्ती करें और अल्ट्रासाउंड करें। जो भी समस्या है उसका समाधान करें।-डॉ. अरुण जोशी, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी

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