बरेली: नहीं चलेगी बहानेबाजी, करानी होगी गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई

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Edited By Amrit Vichar
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रजनेश सक्सेना, बरेली। हमें स्कूल में पढ़ाने का समय ही कहां मिलता है… रजिस्टर के काम से फुर्सत मिले तो ही पढ़ाई कराएं न! विभाग ने शिक्षणेत्तर कार्य इतने बढ़ा दिए हैं कि उन्हीं से फुर्सत नहीं मिलती है। यह कहना है बेसिक स्कूलों के अधिकांश शिक्षकों के। शासन ने अब ऐसे शिक्षकों पर लगाम …

रजनेश सक्सेना, बरेली। हमें स्कूल में पढ़ाने का समय ही कहां मिलता है… रजिस्टर के काम से फुर्सत मिले तो ही पढ़ाई कराएं न! विभाग ने शिक्षणेत्तर कार्य इतने बढ़ा दिए हैं कि उन्हीं से फुर्सत नहीं मिलती है। यह कहना है बेसिक स्कूलों के अधिकांश शिक्षकों के। शासन ने अब ऐसे शिक्षकों पर लगाम कसने के लिए एक नया तरीका अपनाया है। अधिक रजिस्टरों में काम होने का बहाना करके पढ़ाई नहीं कराने वाले शिक्षकों को भी अब गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई करानी होगी। इसके लिए विभाग ने अब कार्य वाले रजिस्टरों की संख्या को तीन गुना से भी ज्यादा कम कर दिया है।

एसआरजी डॉ. लक्ष्मी शुक्ला ने बताया कि पहले स्कूलों में अध्यापकों को 46 रजिस्टरों पर कार्य करना होता था जिसमें अध्यापक उपस्थिति पंजिका, अनुदेशक उपस्थिति पंजिका, शिक्षामित्र उपस्थिति पंजिका, नि:शुल्क पुस्तक वितरण, छात्रवृत्ति वितरण जैसे तमाम कार्यों के रजिस्टर हुआ करते थे। इन्हें अध्यापकों को व्यवस्थित करना होता था। ऐसे में कई बार यह देखा गया कि अध्यापक बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई नहीं करा पा रहे थे। यदि उनसे कुछ कहा जाता है तो वे रजिस्टरों में अधिक कार्य होने की बात कहते हैं।

ऐसे में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान (एससीईआरटी) ने इन रजिस्टरों की संख्या को कम करके इनका कार्य केवल 14 रजिस्टरों में ही बांट दिया है। अब शिक्षकों को 46 नहीं बल्कि 14 रजिस्टरों को ही व्यवस्थित करना होगा। साथ ही बच्चों को गुणवत्ता पूर्ण पढ़ाई करानी होगी। इसके लिए सोमवार को एससीईआरटी के साथ डायट प्राचार्य, बीएसए, एसआरजी आदि का एक वेबिनार भी आयोजित हुआ।

इन 14 रजिस्टरों को भी दो मुख्य रजिस्टरों में बांटा गया
डायट प्राचार्य शशि देवी शर्मा बताती हैं कि एससीईआरटी की तरफ से इन 14 रजिस्टरों को भी मुख्य दो रजिस्टरों में बांट दिया गया है। पहला प्रशासनिक अभिलेख और दूसरा वित्तीय अभिलेख प्रशासनिक अभिलेख में स्कूल को शिक्षक डायरी, उपस्थिति पंजिका जैसे कार्यों को नोट करना होगा। वहीं, वित्तीय अभिलेखों में स्कूल के सभी वित्तीय संबंधी अभिलेख होंगे।

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