18 हजार शपथ पत्र देने के मामले में Chief Electoral Officer ने सपा से मांगी मूल प्रति, कहा- गड़बड़ी की जांच जल्द हो सकेगी
लखनऊ, अमृत विचार: मतदाता सूची में गड़बड़ी को लेकर सपा की ओर से 18 हजार शपथ पत्र देने के मामले में मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने शपथ पत्र की मूल प्रति मांगी है। सोशल मीडिया ‘एक्स’ के जरिये मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने अनुरोध करते हुए कहा कि मूल प्रति मिलने पर जांच शीघ्रता से हो सकेगी।
कहा गया है कि 18 हजार व्यक्तियों के शपथ पत्रों के स्थान पर अभी तक केवल 3919 शपथ पत्रों की ‘स्कैन’ की गई कॉपी प्राप्त हुई है। संभव है कि ईमेल भेजते समय सपा कार्यालय 18 हजार के स्थान पर त्रुटिवश केवल 3919 शपथ पत्रों की ‘स्कैन’ कॉपी ही भेज पाया हो। कहा गया है कि मूल प्रति या तो मुख्य निर्वाचन अधिकारी, संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी या संबंधित विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रकरण अधिकारी को भेजी जाए।
यह भी अनुरोध किया गया है कि हस्तगत कराए जाने वाले शपथ पत्रों की सूची पर संबंधित कार्यालय से हस्तगत कराए जाने के प्रमाण स्वरूप पावती अवश्य प्राप्त की जाय जिससे स्पष्ट हो सके कि कितने शपथ पत्र संबंधित कार्यालय में किस तारीख को प्राप्त हुए। इस संबंध में आवश्यक निर्देश सभी जिला निर्वाचन अधिकारी व सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को दे दिए गए हैं।
शपथ पत्र देने वाले नामों में कुछ की हो चुकी है मृत्यु
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने यह भी कहा है कि शिकायत 33 जिलों के 74 विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित है। 5 विधानसभा क्षेत्रों से संबंधित शिकायत की जांच पूरी हो चुकी है और एक्स के माध्यम से आम जनता के समक्ष जांच के निष्कर्ष को प्रस्तुत भी किया जा चुका है। अभी तक जिन पांच विधानसभा क्षेत्रों की जांच सम्पन्न हुई है उनमें यह पाया गया है कि ऐसे कुछ व्यक्तियों के नाम से नवंबर 2022 में शपथ पत्र बने हैं जिनकी मृत्यु वर्ष 2022 से कई साल पूर्व हो चुकी थी। कुछ व्यक्तियों ने अपने नाम से बने शपथ पत्र की ‘स्कैन’ कापी को दिखाने पर ऐसा कोई भी शपथ पत्र देने से स्पष्ट इंकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि कानूनन गलत साक्ष्य दिया जाना एक अपराध माना जाता है।
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