बदायूं : अपहरण करने के दो दोषियों को आजीवन कारावास, तीसरा फरार

Amrit Vichar Network
Edited By Pradeep Kumar
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पृथक की गई फरार की पत्रावली, चौथे आरोपी की मुकदमा के दौरान हो गई थी मौत

बदायूं, अमृत विचार। अपहरण करने के दो आरोपियों को विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र रिंकू ने दोषी पाते हुए आजीवन कारावास समेत 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि तीसरा आरोपी फरार हो गया। उसकी पत्रावती पृथक की गई है। चौथ आरोपी की मुकदमा के विचारण के दौरान मौत हो गई थी।

अभियोजन पक्ष के अनुसार वादी मुकदमा थाना उसावां क्षेत्र के गांव गौतरा निवासी रामस्वरूप पुत्र पुत्तू लाल 13 जनवरी 2004 को पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 12 जनवरी 2004 वह व उसके बड़े भाई नन्हें, राम भरोसे पुत्र पुत्तू लाल अपने खेतों में गेहूं व मशहूर की फसल की रखवाली करके घर वापस आ रहे थे। रात लगभग 8 बजे रास्ते में गांव गौतरा व वौरा के बीच रात चार-पांच बदमाश मिले। बदमाश नन्हें व राम भरोसे को पकड़कर ले जाने लगे। नन्हें बदमाश के चुंगल से किसी तरह भाग गए लेकिन बदमाश दूसरे भाई राम भरोसे को पकड़कर ले गए। रामस्वरूप ने टॉर्च की रोशनी में बदमाशों को पहचान लिया बस नाम नहीं जाते थे। भाई की जान का खतरा बताते हुए उन्हें तहरीर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। पुलिस ने विवेचना शुरू की। 25 जनवरी 2004 को पुलिस ने बदमाशों से मुठभेड़ के बाद जिला शाहजहांपुर के थाना परौर क्षेत्र से अपह्रत राम भरोसे को छुड़ा लिया। न्यायालय में शाहजहांपुर के थाना परौर क्षेत्र के गांव भूड़ा गणेशपुर निवासी मनीष पुत्र शिशुपाल, गांव जूही निवासी पूरन पुत्र केसरी पर राम भरोसे के अपहरण का मुकदमा चलाया गया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य का अवलोकन किया। एडीजीसी संजीव कुमार गुप्ता और बचाव पक्ष अधिवक्ता की दलीलों को सुनने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी पाते हुए सजा सुनाई। तीसरा आरोपी इकरार के फरार होने पर उसकी पत्रावली पृथक की गई हैं। चौथे आरोपी जय सिंह की मौत हो गई थी।

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