Hardoi News: लाइनमैन की मौत के बाद हंगामा, सड़क पर शव रखकर किया विरोध, लगाए गंभीर आरोप

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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हरदोई। पलिया गांव से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां विद्युत उपकेंद्र के लाइनमैन कैलाश की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। गुरुवार को पोस्टमॉर्टम के बाद जब कैलाश का शव गांव पहुंचा, तो गुस्साए परिजनों ने पलिया चौसर मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दी। 

40 वर्षीय कैलाश, जो पलिया विद्युत उपकेंद्र में संविदा लाइनमैन थे, लंबे समय से बीमार थे। उनकी पत्नी फूलमती के अनुसार, कैलाश बुधवार सुबह दवा लेने लखनऊ गए थे, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटे। परिजनों ने सोशल मीडिया पर उनकी गुमशुदगी की सूचना साझा की। बाद में कैलाश हरदोई के रोडवेज बस स्टॉप पर बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें पहले मेडिकल कॉलेज हरदोई ले जाया गया, जहां से लखनऊ रेफर किया गया। लखनऊ में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग के बिलग्राम खंड के अधिशासी अभियंता केके राठौर पर उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। उनका दावा है कि लगातार मानसिक दबाव के कारण कैलाश की सेहत बिगड़ी और उनकी मौत हुई। प्रदर्शनकारी मुआवजे और अधिशासी अभियंता के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। 

विरोध प्रदर्शन के दौरान सैकड़ों ग्रामीण पलिया तिराहा पर धरने पर बैठ गए। इस बीच, पलिया विद्युत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई, जिससे करीब 26,000 उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। सूत्रों के मुताबिक, बिजली विभाग के कई कर्मचारी भी परिजनों के समर्थन में मौके पर मौजूद थे। 

घटना की सूचना मिलते ही हरपालपुर सीओ सतेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार राजेश पटेल और पुलिस बल मौके पर पहुंचे। रात 8:30 बजे तक प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। दूसरी ओर, अधिशासी अभियंता केके राठौर ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कैलाश को लीवर की बीमारी थी, जिसके कारण उनकी मृत्यु हुई। उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया। 

फिलहाल, स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस और प्रशासन प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश में जुटा है। इस मामले पर हमारी नजर बनी रहेगी। अधिक अपडेट के लिए बने रहें हमारे साथ।

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