GST दरें कम होने के दूरगामी परिणाम होंगे सुखद, बोले वित्त मंत्री- जनता की संतुष्टि से बड़ा जीएसटी नहीं, सरकार पैसे कमाने के लिए नहीं बैठी
लखनऊ, अमृत विचार: वित्त मंत्री व जीएसटी काउंसिल के सदस्य सुरेश कुमार खन्ना ने शुक्रवार को जीएसटी की दरें कम होने से राजस्व पड़ने वाले प्रभावों पर मीडिया से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इससे शुरूआत में राजस्व को चोट पहुंच सकती है लेकिन दूरगामी परिणाम सुखद होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की संतुष्टि से बड़ा जीएसटी नहीं है क्योंकि सरकार पैसे कमाने के लिए नहीं बैठी है। लंबी अवधि में जीएसटी सुधारों से राज्य की अर्थव्यवस्था में तेजी से सुधार होगा और रोजगार के भी नये अवसर सृजित होंगे। जीएसटी काउंसिल की बैठक से लौटने पर शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी में सुधार बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए जरूरी था। आगे चल कर इसका लाभ राज्य को मिलेगा।
वित्त मंत्री ने कहा कि जीएसटी दरों में बदलाव आम आदमी के हित में की गई एक बड़ी राहत है। छोटे व्यापारियों को तीन दिन के अंदर रजिस्ट्रेशन देने की बात की गई है जो एक बड़ा कदम है। जीएसटी काउंसिल में विभिन्न पार्टियों एवं राज्यों के वित्त मंत्री शामिल हैं। सभी ने इन दरों को अपनी सहमति दी है। उन्होंने कहा कि अनुभव बताते हैं कि जब-जब कर की दर में कमी की गई है तब तब वस्तुओं एवं सेवाओं का वॉल्यूम बढ़ा है अर्थात मांग बढ़ी है। मांग बढ़ने से अर्थव्यवस्था को गति मिलती है। एक तरफ इनकम टैक्स में बड़ी छूट देने से लोगों की क्रय शक्ति बढ़ी है दूसरी तरफ जीएसटी दरों में कमी से कर का बोझ घटा है। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था से आम आदमी एवं व्यापारी काफी प्रसन्न है और सभी ने इसे सराहा है।
जीएसटी काउंसिल ने यूपी सरकार के प्रस्तावों को स्वीकारा
वित्तमंत्री ने यह भी बताया कि, जीएसटी काउंसिल ने यूपी सरकार के प्रस्तावों को स्वीकार किया। विलासिता की वस्तुओं पर टैक्स बढ़ा है। सरकार नशाखोरी को हतोत्साहित करना चाहती है। काउंसिल की 11 घंटे तक चली बैठक के बाद सभी राज्यों ने जीएसटी में बदलाव को ध्वनिमत से स्वीकार किया। जीएसटी सुधार आम आदमी के हित में सरकार का बड़ा कदम है।
सरकार ने अगस्त में करों से 606 करोड़ रुपये ज्यादा कमाए
वित्तमंत्री के मुताबिक, राज्य सरकार को अगस्त मंं मुख्य कर व करेत्तर राजस्व से 16,575.70 करोड़ रुपये मिले हैं। यह धनराशि पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के अगस्त माह के मुकाबले 606.05 करोड़ रुपये अधिक है। वर्ष 2024-25 के अगस्त माह में कुल 15,969.65 करोड़ रुपये ही मिले थे। अगस्त में जीएसटी से 6,611.59 करोड़, वैट से 2,659.95 करोड़, आबकारी से 3,754.43 करोड, स्टांप तथा निबंधन से 2,538.00 करोड, परिवहन से 786.87 करोड़ तथा भूतत्व व खनिकर्म से 224.86 करोड़ रुपये मिले हैं। भूतत्व व खनिकर्म को छोड़ अन्य सभी मदों में अधिक राजस्व हासिल हुआ है।
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