UP : सब कुछ निगलने को आतुर शारदा का उफान...इस गांव में गिनती के बचे मकान
मूड़ा सवारान, अमृत विचार। ब्लॉक बिजुआ क्षेत्र के सिंधिया गांव में शारदा नदी के मुहाने पर पूरा गांव आ गया है। प्रशासन ने पीड़ितों को सुरक्षित स्थान पर बसने के निर्देश तो दिए मगर सरकारी मरहम ग्रामीणों के घाव नहीं भर पा रहा है। आंखों में बेबसी के आंसू लिए पीड़ित अपना आशियाना छोड़कर अन्य गांवों में रहने को मजबूर हैं। बुधवार तक गांव के 17 घर शारदा में समा गए। अब गांव में मात्र गिनती के 5- 6 घर बचे हैं जिन्हें शारदा की विकराल लहरों में समा जाने की आशंका है।
बिजुआ ब्लॉक की ग्राम पंचायत जौहरा गुजारा का मजरा सिंधिया गांव शारदा की तलहटी में बसा था। यहां के लोगों की कमाई का जरिया मात्र खेती किसानी था। गांव में शारदा के कटान ने ऐसा कहर ढाया कि पूरा गांव ही समाप्त हो गया। इस गांव के ग्रामीणों की लगभग 50 एकड़ से अधिक भूमि अब तक शारदा में समाहित हो चुकी है। गांव से पलायन कर चुके लोगों में हाहाकार मचा है। शारदा नदी से कुछ दूरी पर सिंधिया गांव बसा था गांव में अमन चैन था और लोग भी खुशहाल थे। सबसे पहले शारदा की लहरों ने गांव की कृषि भूमि को निगल लिया। इसके बाद नदी की लहरों ने गांव में कहर बरपाना शुरू कर दिया। जिससे धीरे-धीरे पूरे गांव को अपनी लहरों की चपेट में ले लिया। गांव में अब मात्र पांच या छह घर ही शेष बचे हैं वह भी कटने के बिल्कुल करीब हैं।
सिंधिया गांव में बुधवार शाम तक 17 घर कट चुके हैं। सभी को दैवीय आपदा राशन किट दी जा चुकी है। जिनके मकान, झोपड़ी, कच्चे घर कटे हैं उन सभी की रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। सिंधिया गांव की स्थिति बहुत ही दयनीय है वहां तक पहुंचना बहुत कठिन है। नाव से ही वहां तक पहुंचना होता है।
-राकेश शुक्ला, लेखपाल, ग्राम सिंधिया गैर एहतमाली।
