Kanpur News: खुले मेनहोल लोगों के लिए बने मुसीबत, नगर निगम व जलकल कंट्रोल रूम में दर्ज हो रहीं शिकायतें

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार। खुले मेनहोल लोगों के लिए मुसीबत बने हैं। बरसात के चलते आए दिन यह हादसों के सबब बन रहे हैं। जलकल विभाग ने इन्हें ढकने की योजना तो बनाई लेकिन दो माह में सिर्फ 272 मेनहोल ही ढके जा सके हैं। अभी भी शहर में बड़ी संख्या में क्षतिग्रस्त मेनहोल हैं। आए दिन नगर निगम व जलकल कंट्रोल रूम में शिकायतें दर्ज हो रही हैं।

शहर में करीब 5,045 मैनहोल हैं। इनमें से करीब 15 फीसदी खुले हुए हैं। इसके अलावा कई जगह क्षतिग्रस्त भी हो गए हैं। आए दिन खुले मेनहोल में लोगों या जानवरों की घटनाएं होती रहती हैं। सबसे ज्यादा दिक्कत बारिश के मौसम में होती है। जलभराव में पता ही नहीं चलता कि सड़क पर खुला मेनहोल है। इसे लेकर जलकल विभाग ने 15 जुलाई को व्हाट्सएप नंबर-7565004604 जारी किया था।

साथ ही जोनल स्तर पर भी शिकायत दर्ज कराने के लिए नंबर जारी किए थे। दावा किया गया था कि खुले या क्षतिग्रस्त मेनहोल की फोटो, पता व मोबाइल नंबर भेजने के 24 घंटे के अंदर उसे ठीक किया जाएगा। दो माह हो गए लेकिन अभी भी शहरभर में खुले मेनहोल देखे जा सकते हैं जबकि अधिकारियों का कहना है कि इन नंबरों पर जितनी शिकायतें आई, उनका निस्तारण किया जा चुका है।

इन इलाकों में खुले पड़े हैं मेनहोल

डॉ. जहरुलहक चौराहा चमनगंज, प्लाट नंबर-1 व 2, सराय कंपाउंड, नवीनगर डाकघर के पास काकादेव, सर्वोदयनगर, बगिया क्रॉसिंग रोड, आनंद बाग पार्क, बर्रा-6, सी ब्लॉक, बर्रा-2 सब्जी मंडी के पास, उस्मानपुर, दामोदरनगर, चमनगंज शहीदाबाद मस्जिद के पास आदि।  

जो भी शिकायतें आई, उनका निस्तारण कर दिया गया है। जहां ढक्कन क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें बनवाने में समय लगता है। अभी एक हजार ढक्कन मंगवाए गए हैं जिन्हें जहां भी खुला मेनहोल दिखेगा, लगवाया जाएगा... आनंद त्रिपाठी, महाप्रबंधक, जलकल विभाग।

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