Gonda News: TET के विरोध में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे शिक्षक, सरकार से की यह मांग
गोंडा, अमृत विचार। परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षक टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग को लेकर बांह पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते हुए अपना विरोध जता रहे है। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के आवाह्न पर मंगलवार को जिले भर के शिक्षक काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य करते नजर आए। संघ के जिलाध्यक्ष शरद सिंह ने कहा कि जब तक टीईटी अनिवार्यता का आदेश निरस्त नहीं होता विरोध प्रदर्शन चलता रहेगा।
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने परिषदीय स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य कर दिया है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक जो शिक्षक टीईटी पास नहीं है उन्हे अगले दो वर्षों में टीईटी पास करना है। यह आदेश उन शिक्षकों पर भी लागू है जिनकी भर्ती टीईटी लागू होने से पहले हुई है। शीर्ष अदालत के इस फैसले को लेकर शिक्षक आक्रोशित हैं और वह इसे अव्यावहारिक बता रहे हैं।
शिक्षक इस आदेश के खिलाफ सरकार से कोर्ट में रिव्यू दाखिल करने तथा इसमें संशोधन कराकर इसे निरस्त किए जाने की मांग कर रहे हैं। हालांकि प्रदेश सरकार ने इस फैसले को खिलाफ अपना रिव्यू दाखिल कर दिया है लेकिन शिक्षक इस विषय पर जल्द से जल्द ठोस फैसला चाहते हैं। इसी मांग को लेकर शिक्षक वह आंदोलन की राह पर हैं।
अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडेय के आवाह्न पर शिक्षक सोमवार से बांह पर काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कर रहे हैं। मंगलवार को भी शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और अपना विरोध जताया। संघ के जिलाध्यक्ष शरद सिंह ने कहा कि जब तक टीईटी की अनिवार्यता को खत्म नहीं किया जाता शिक्षक अपनी लड़ाई लड़ते रहेंगे।
