उत्तराखंड : पेपर लीक मामले में खफा युवाओं का पिथौरागढ़ की सड़कों पर दिखा आक्रोश
पिथौरागढ़, अमृत विचार। नाराज युवाओं का आक्रोश गुरुवार को युवाओं में देखने को मिला। उन्होंने कहा कि सरकार की नकल विरोधी बयानबाजी के बावजूद लगातार पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे उनका भविष्य बर्बाद हो रहा है। अपने विरोध को उन्होंने मजबूरी में उठाया गया कदम बताया।
दरअसल यूकेएसएसएससी की स्नातक स्तरीय परीक्षा का पेपर सेंटर से बाहर भेजने के मामले में नाराज सैकड़ों युवाओं की भीड़ गुरुवार को सड़कों पर उतरी। युवाओं ने पेपर चोर, गद्दी छोड़ के नारे लगाते हुए नगर में जुलूस निकालते हुए सरकार, सीएम और आयोग के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि सीएम और सरकार सशक्त नकल विरोधी कानून बनाने की बात कर रहे हैं लेकिन प्रदेश में हर परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है। पेपर लीक होने से हमारा भविष्य बर्बाद हो गया है। युवाओं ने कहा कि सड़कों पर उतरना हमारा शौक नहीं मजबूरी बन गया है।
जिले भर के युवाओं ने नगर के विभिन्न हिस्सों से होते हुए कलक्ट्रेट तक सरकार और चयन आयोग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला। इसके बाद युवा कलक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। युवाओं ने कहा कि प्रदेश में नकल विरोधी कानून बनाकर वाहवाही लूटी गई। इस कानून को दरकिनार कर नकल माफिया हर बार पेपर लीक कर हमारी मेहनत पर पानी फेर रहे हैं।
युवाओं का कहना था कि हमारे परिजन अभावों में हमें पढ़ा रहे हैं लेकिन पेपर बाहर आने से हमारी मेहनत बेकार हो रही है। इसके बाद भी सीएम धामी, भाजपा नेता और आयोग के अधिकारी पेपर के सिर्फ तीन पन्ने लीक होने की बात कर हमें धोखा दे रहे हैं। इन्हें मालूम होना चाहिए कि सिर्फ आधे नंबर से भी कई युवा भर्ती में सफल होने से रह जाते हैं। इससे साफ है कि यह भर्ती सिर्फ नेताओं और आयोग के चहेतों के लिए कराई गई है।
युवाओं ने आयोग के हर कर्मचारी को बदलकर अब तक हुए सभी पेपर बाहर आने के मामलों की सीबीआई जांच की मांग की। कहा कि यदि सरकार और सीएम ने पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच के आदेश जारी नहीं किए तो प्रदेश भर में युवा उग्र प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे।
