UP News: बुखार का चल रहा था इलाज, पड़ गया हार्ट अटैक

Amrit Vichar Network
Edited By Muskan Dixit
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सिविल अस्पताल में निजी कंपनी के कर्मचारी की हुई मौत, परिजनों ने जताई डेंगू की आशंका

लखनऊ, अमृत विचार : बुखार के इलाज के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती निजी कंपनी के कर्मचारी की इलाज के दौरान मौत हो गई। प्लेटलेट्स काउंट कम होने के चलते परिजनों ने डेंगू से मौत होने की आशंका जताई है।

तेलीबाग के रहने वाले आशीष वर्मा (45) निजी कंपनी में सर्वे का काम करते थे। परिजनों के मुताबिक बीते एक सप्ताह से मरीज को तेज बुखार आ रहा था। मरीज ने पहले नजदीक की क्लीनिक में दिखाया था। डॉक्टर की सलाह पर मरीज ने निजी लैब से जांच कराई। प्लेटलेट्स काउंट करीब 96 हजार बचे थे। मरीज डॉक्टर से दवा लेकर घर पर रुका हुआ था। रविवार देर रात हालत बिगड़ने पर परिजन मरीज को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी ले गए। वहां पर डॉक्टरों ने मरीज को भर्ती किया। मरीज की दोबारा जांच कराई गई तब प्लेटलेट्स फिर कम आए। इलाज के बाद मरीज का बुखार उतर गया था। इसी दौरान शुगर हाई लेवल पहुंच गया। सोमवार शाम करीब 4:30 बजे मरीज की मौत हो गई। डॉक्टरों ने दिल का दौरा पड़ने से मौत होने की बात कही। भाई रितेश ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है।

परिजन का आरोप भर्ती के लिए देने पड़े 500 रुपये

सिविल अस्पताल की इमरजेंसी लेकर गए मरीज के पड़ोसी शिवम ने बताया भर्ती करने में एक घंटे का समय लग गया। एक घंटे तक मरीज स्ट्रेचर पर पड़ा रहा। डॉक्टरों से गुहार लगाई, लेकिन डॉक्टर व स्टाफ अनदेखा करते रहे। शिवम ने बताया मरीज को भर्ती करने के लिए स्टाफ ने सुविधा शुल्क की मांग किया। पहले मना किया तो वह बेड देने में आनाकानी करने लगा। ऐसे में स्टाफ ने पांच सौ रुपये लेने बाद बेड मुहैया कराया।अस्पताल निदेशक डॉ. कजली गुप्ता ने मामले जांच कराने की बात कही है।

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