रामनगरी में हृदयगति रुकने से हुई रावत मंदिर के महंथ की मौत , श्रद्धांजलि सभा का आयोजन....साधु-संत ने बताया सच्चा सनातनी 

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Edited By Anjali Singh
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अयोध्या, अमृत विचार। अयोध्या के रामघाट चौराहा स्थित रावत मंदिर के महंथ राम मिलन दास की मौत हृदय गति रुकने से हुई थी। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ। वहीं, रविवार की देर शाम स्व महंथ को अयोध्या सरयू नदी में जल समाधि दी गई।

रावत मंदिर में सोमवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर उन्हें नमन किया गया। इसकी अध्यक्षता खाक चौक मंदिर के महंथ बृजमोहन दास ने की। करतलिया मंदिर के महंथ रामदास ने कहा कि साकेतवासी महंथ राम मिलन दास एक निर्मल, सीधे-साधे और सच्चे संत थे। उन्होंने मंदिर के पूर्व महंत मानस कोकिल जी के मिशन को आगे बढ़ाया और मंदिर का पर्याप्त विकास किया। 

हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत आनंददास ने कहा कि उन्होंने सनातन धर्म को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कथा वाचक पवन कुमार दास शास्त्री ने उन्हें साधुता का प्रतीक बताया। रामनयन दास रामायणी ने कहा वह सादगी के प्रतिमूर्ति थे। श्रद्धांजलि सभा में बालकदास, महंथ विनोद दास, पवन दास, रामबख्श यादव समेत अन्य साधु संत मौजूद रहे।

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