कानपुर : खोदाई के बाद नहीं बनी सड़क, हादसे हर रोज

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, अमृत विचार । पेयजल की आपूर्ति के लिए सर्वोदय नगर से काकादेव स्थित देवकी चौराहा तक और नीरछीर चौराहा से डबलपुलिया तक जल निगम ने आठ माह पहले सड़क की खोदाई करके पाइप लाइन डाली थी। पाइप लाइन डालने के बाद मिट्टी तो समतल कर दी गई और गिट्टी भी डाल दी गई, लेकिन सड़क बनाने की जहमत लोक निर्माण विभाग ने नहीं उठाया। ये सड़कें सिर्फ उदाहरण हैं। शहर में कई सड़कें खोदी गई हैं जिनका निर्माण अब तक हो जाना चाहिए था लेकिन नहीं हो पाया। जनता परेशान है क्योंकि कोई ऐसा दिन नहीं होता जब बाइक सवार फिसलकर गिरते न हों।

15वें वित्त आयोग के तहत  139.38 करोड़ रुपये से शहर में पाइप लाइन डालने और मरम्म्त का कार्य किया जाना है। इसी राशि से खोदी गई सड़कों का निर्माण भी होना है। जल निगम पाइप लाइन या सीवर लाइन डालने से पहले उस विभाग से एनओसी लेता है जिसके स्वामित्व में सड़क होती है। साथ ही सड़क का जितना हिस्सा काटा जाता है उसे बनाने के लिए जो लागत आती है जल निगम संबंधित विभाग को रुपये जमा कर देता है। अब संबंधित विभाग की जिम्मेदारी है कि वह सड़क का निर्माण करे, लेकिन शहर में ऐसा नहीं हो पा रहा है। सर्वोदय नगर से देवकी चौराहा होते हुए नवीन नगर, शारदा नगर आदि इलाकों में हर दिन एक लाख से अधिक लोग गुजरते हैं। पांच हजार से अधिक ई रिक्शा, आटो, टैंपो की आवाजाही हर दिन होती है। इसी तरह डबल पुलिया से नीरछीर तक भी सड़क पर आवागमन बहुत ही ज्यादा है। दोनों सड़कें खोदाई बाद समतल की गईं लेकिन बनाई नहीं गईं। ये सड़कें कागज पर मोटरेबल हैं। न तो क्षेत्रीय विधायक इस पर ध्यान दे रहे हैं और न ही सांसद। खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है।

सर्वोदय नगर व्यापार मंडल के अध्यक्ष अजय सिंह का कहना है कि सड़क का निर्माण न होने से हर दिन हादसे हो रहे हैं। लापरवाही बरतने वाले विभाग के अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। जब तक कार्रवाई नहीं होगी ऐसे ही जनता को परेशान होना पड़ेगा।

धर्मेंद्र गुप्ता ने कहा कि सड़क को समतल किया गया था लेकिन अब तो इतने बड़े- बड़े गड्ढे हैं कि आटो और ई रिक्शा के साथ ही बाइक सवार भी पलट जाते हैं। त्योहार के समय भी सड़क नहीं बनाई जा रही है। यह स्थिति अच्छी नहीं है। सड़क जल्द बने।

विजय शुक्ला ने बताया कि जिस कार्य के लिए सड़क खोदी जाए अगर वह कार्य पूरा हो जाए तो तत्काल सड़क के निर्माण का कार्य पूरा किया जाना चाहिए। कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए इसके लिए जवाबदेही भी तय होनी चाहिए। लापरवाही पर दंड भी जरूरी है। 

सिराज बाबू ने बताया कि सड़क न बनने का खामियाजा क्षेत्र के लोग भुगत रहे हैं। दुकानदारी खराब हो रही है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों को भी लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करानी चाहिए। पहले बारिश का बहाना था। अब बारिश खत्म हो गई है तो भी सड़क नहीं बन रही है।

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