रक्षामंत्री ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. कलाम की प्रतिमाओं का किया अनावरण, कहा- दोनों विभूतियां भारत की आत्मा
एचएएल के सीएसआर फंड से एलडीए द्वारा निर्मित सामुदायिक केंद्र का भी किया लोकार्पण
लखनऊ, अमृत विचार: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि अटल और कलाम जैसी विभूतियां भारत की आत्मा हैं। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। रक्षा मंत्री ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और डॉ. कलाम की प्रतिमाओं के अनावरण के साथ जानकीपुरम योजना सेक्टर एफ में एचएएल के सीएसआर फंड से एलडीए द्वारा निर्मित सामुदायिक केंद्र और सेक्टर-6 में निर्मित पुस्तकालय का लोकार्पण भी किया।
लखनऊ विकास प्राधिकरण द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान जानकीपुरम विस्तार योजना में अटल चौराहे पर स्थापित पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी एवं डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम चौराहे पर पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की कांस्य प्रतिमाओं और 1250 सोलर स्ट्रीट लाइटों की स्थापना व लगाए जाने वाले 250 ओपन जिम की स्थापना का लोकार्पण व शिलान्यास वर्चुअल रूप से किया। सभी कार्य एचएएल के सीएसआर फंड से कराए जा रहे हैं। इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा, बृजलाल, महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, सदस्य विधान परिषद मुकेश शर्मा, महापौर सुषमा खर्कवाल,विधायक डॉ. नीरज बोरा, योगेश शुक्ला, डॉक्टर राघवेंद्र शुक्ला मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
लखनऊ के विकास के लिए हर संभव प्रयास
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ के विकास के लिए जहां तक और जो भी संभव है मैं करने का प्रयास कर रहा हूं। हिन्दुस्तान एयरोनॉटिकल लिमिटेड करिश्माई कार्य कर रहा है जो रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत इकाई है। दो दिन पहले नासिक के कार्यक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि वहां 4.5 जनरेशन की फाइटर प्लेन तैयार किया है और इसका लोकार्पण करने के बाद लखनऊ आया हूं। राजनाथ सिंह ने कहा कि सार्वजनिक कार्यों में भी पारिवारिक समारोह के आयोजनों में लोगों को समस्या आती है तभी यह निर्णय लिया कि सभी पांच विधानसभाओं में एक सामुदायिक केंद्र बनाया जाए। इसका किराया भी न्यूनतम रखा जाएगा जिससे इसका रख-रखाव किया जा सके। पुस्तकालय का भी लोकार्पण किया जा रहा है। 300 ओपन जिम का लोकार्पण पहले हुआ है और आज 250 का शिलान्यास और कर रहा हूं। 1250 सोलर लाइट लखनऊ में लगाई जा चुकी हैं।
