कानपुर : चीन को टक्कर देने के लिए निर्यातकों ने लेदर उत्पादों में बदली डिजाइन
इंटरनेशनल ट्रेड शो में निर्यातकों ने जाना विदेशी खरीदारों का रुझान
कानपुर,अमृत विचार। नई वैश्विक बाजार में चीन को टक्कर देने के लिए शहर के निर्यातकों ने लेदर के उत्पादों में डिजाइन को बदलना शुरू कर दिया है। नई डिजाइन को निर्यातकों ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में विदेशी खरीदारों के रुझान को जानकार बदला है।
शहर के हुनरमंद हाथ के कारीगरों की ओर से बनाई जा रही यह डिजाइन अब पारंपरिक बाजार के अलावा नई बाजार में भी शहर की पहचान बन रही है। अमेरिका की ओर से हाल ही में टैरिफ लगाए जाने के बाद शहर के चमड़ा निर्यातकों ने नए विदेशी बाजार की ओर रुख करना शुरू कर दिया है।
नए बाजार में वहां की पसंद के अनुसार चमड़े के उत्पादों में डिजाइन बदली जा रही है। खास बात यह है कि शहर के निर्यातकों को नए बाजार में चीन के उत्पादों से भी गहरी टक्कर मिल रही है। ऐसी स्थिति में शहर से भेजे गए सैंपल उत्पादों में मशीन के बजाए हाथ की करीगरी को प्राथमिकता दी जा रही है।

निर्यातकों का मानना है कि नए देश में चमड़े के उत्पादों को लांच करने के लिए उन्हें सबसे अधिक वहां पर पसंद आने वाली डिजाइन पर काम किया जा रहा है। इनमें विदेशी खरीदारों को सबसे अधिक पसंद आने वाली राजस्थान की पारंपरिक डिजाइन को प्राथमिकता दी जा रही है। निर्यातक मानते हैं कि नए बाजार में चीन अपने कम रेट के प्रसिद्ध हैं लेकिन शहर के उत्पादों में हाथ से बनी कारीगरी उसे विदेशी बाजार में पीछे कर देती है।

पूरे मामले पर सना इंटरनेशनल एक्जिम के एमडी डॉ. जफर नफीस ने बताया कि शहर के लेदर गुड्स की गुणवत्ता और डिजाइन से चीन के उत्पादों का मुकाबला किया जा रहा है। फिलहाल नए विदेशी बाजार में उतरना निर्यातकों को थोड़ा मुश्किल लग रहा है लेकिन वहां के खरीदारों का रुझान बता रहा है भविष्य में नए विदेशी बाजार अमेरिका के बाजार का विकल्प बन सकते हैं।
13 देशों से बातचीत
टैरिफ लागू होने के बाद शहर के लेदर उत्पादों से जुड़े निर्यातकों ने कई नई विदेशी बाजारों की ओर रुख करना शुरू कर दिया है। इनमें 13 प्रमुख बाजार शामिल हैं। इनमें बेल्जियम, बुल्गारिया, हंगरी, फ्रांस, पुर्तगाल, रोमानिया, स्लोवाकिया, स्पेन, वीडन सहित अन्य देश शामिल है।
निर्यातकों का कहना है कि अमेरिका की बाजार से ऑर्डर की संख्या के चलते पूर्व में शहर के निर्यातक इन देशों के प्रति कम रुझान रखते थे। टैरिफ लागू होने के बाद से नई बाजारों के खरीदारों से संपर्क किया गया। संपर्क के बाद नए विदेशी खरीदारों का रुझान शहर के निर्यातकों के प्रति काफी बेहतर माना जा रहा है।
19 निर्यातकों ने भेज सैंपल
अमेरिका की ओर से 50 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बाद लगभग वहां का 60 फीसदी निर्यात कारोबार प्रभावित हुआ है। इस स्थिति में शहर के युवा निर्यातकों ने सबसे पहले नए बाजार की ओर रुख किया। बताया गया कि फिलहाल शहर के 19 ऐसे युवा निर्यातक हैं जिनके सैंपल गैर पारंपरिक बाजार के विदेशी खरीदारों की ओर से मंगवाए गए हैं। निर्यातक यह मान कर चल रहे हैं कि एक या दो महीनों से शहर से ऑर्डर की सप्लाई शुरु हो जाएगी।
- 19 निर्यातकों की ओर से भेजे गए सैंपल
- 13 नए देशों के खरीदारों से संपर्क में निर्यातक
- 30 लेदर प्रोडक्ट में बदली गई विशेष डिजाइन
- 2 महीनों में शुरू हो सकती है ऑर्डर की सप्लाई
