कानपुर : केंद्र सरकार की नई नीति के तहत मिलेगा मेगा लेदर क्लस्टर को अनुदान, जानें क्या प्लान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

वित्तीय मदद के लिए आवेदन की तैयारी में जुटी मेगा लेदर क्लस्टर डेवलपमेंट कंपनी

कानपुर, अमृत विचार। रमईपुर में मेगा लेदर क्लस्टर की स्थापना अब केंद्र सरकार की नई नीति के तहत होगी। इस नीति के तहत विभिन्न मदों में कानपुर मेगा लेदर क्लस्टर डेवलमेंट यूपी लिमिटेड कंपनी को करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपये का अनुदान मिल जाएगा। नई नीति के तहत प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए कंपनी ने आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।  

पुरानी नीति के तहत करीब सवा तीन सौ करोड़ रुपये कंपनी को मिलने थे लेकिन ग्राम समाज की सुरक्षित श्रेणी की भूमि से कंपनी की भूमि की अदला- बदली का काम समय से न हो पाने की वजह से यह प्रोजेक्ट फंस गया। यही वजह है कि अब वाणिज्य मंत्रालय के उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग ने नए सिरे से आवेदन करने के लिए कहा है।

जाजमऊ में चार सौ टेनरियां स्थापित हैं। वैसे तो यहां 20 एमएलडी का कॉमन इफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित हो गया है।  लेकिन तमाम टेनरी संचालक गंगा में चोरी छिपे केमिकल युक्त पानी बहाते हैं। इससे हर साल माघ मेला और कुंभ के दौरान टेनरियों को बंद करना पड़ता है इससे उद्यमियों का नुकसान होता।

सरकार ने पहले यहां से टेनरियों की शिफ्टिंग का प्लान बनाया था पर बाद में तय हुआ कि जो टेनरी संचालक मेगा लेदर क्लस्टर में यहां से उद्योग शिफ्ट करना चाहेंगे उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही नए उद्यमियों को भी भूखंड आवंटन में प्राथमिकता दी जाएगी। मेगा लेदर क्लस्टर में छोटी- बड़ी मिलाकर कुल 250 टेनरियां स्थापित होनी हैं। जबकि 85 फैक्ट्रियां जूता व अन्य उत्पाद बनाने की होंगी। स्पेशल परपज व्हीकल के तहत गठित कंपनी में भूमि के लिए पैसा जमा करने वाले पौने चार सौ उद्यमियों में से 335 ही यहां अपने उद्योग लगा सकेंगे।

शेष को कंपनी या तो पैसे वापस करेगी या फिर पास में पड़ी ग्राम समाज की भूमि का पुनर्ग्रहण कराकर क्लस्टर के विस्तार की कवायद कर सकती है। क्लस्टर में भी 20 एमएलडी का ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा। इस परियोजना का शिलान्यास मार्च में होना था लेकिन भूमि की अदला- बदली की प्रक्रिया पूरी न होने की वजह से अटक गया। अब भूमि संबंधी समस्या लगभग समाप्त हो गई है।

ऐसे में कंपनी ने नए सिरे से नई नीति के तहत अनुदान लेने की कवायद शुरू की है। मंत्रालय ने राज्य सरकार से कहा कि वह नए सिरे से आवेदन कराए। दिसंबर तक आवेदन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद विभाग की टीम प्रोजेक्ट का अप्रेजल करेगी और फिर अनुदान स्वीकृत होगा। चूंकि प्रोजेक्ट के लिए पहले से ही पर्यावरण मंत्रालय की एनओसी मिल चुकी है। ऐसे में किसी तरह की दिक्कत नहीं आनी है। 
 
कंपनी के पास भूमि

कंपनी द्वारा ग्राम समाज की 42.02 हेक्टेयर भूमि का पुनर्ग्रहण किया गया है। 22 हेक्टेयर भूमि कंपनी ने किसानों से खरीदा है। 35.238 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज की सुरक्षित श्रेणी की है। सुरक्षित श्रेणी की भूमि के बदले उद्यमियों ने किसानों की भूमि मनोह गांव में खरीदकर प्रशासन को दी है। 

नई नीति के तहत कंपनी को अनुदान मिलेगा। जरूरी प्रक्रिया पूरी करके आवेदन किया जाएगा। अब कंपनी को नई नीति में करीब साढ़े चार सौ करोड़ रुपये का अनुदान मिलेगा।– अशरफ रिजवान, निदेशक मेगा लेदर क्लस्टर डेवलपमेंट कंपनी

संबंधित समाचार