बिजली विभाग : वर्टिकल व्यवस्था से 7 हजार पदों को खत्म करने की तैयारी में लेसा

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Edited By Amrit Vichar
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कार्यालय संवाददाता, लखनऊ, अमृत विचार : बिजली विभाग में वर्टिकल व्यवस्था से उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं मिलने का दावा तो किया जा रहा है, लेकिन इस व्यवस्था के लागू होने से सात हजार नौकरियां खत्म हो जाएंगी। विभाग ने दो हजार से अधिक नियमित और पांच हजार संविदा कर्मियों को हटाने की तैयारी कर ली है।

राजधानी में एक नवबंर से लागू हो रही वर्टिकल व्यवस्था से उपभोक्ताओं को बेहतर बिजली सुविधाएं मुहैया कराने का दावा पावर कॉरपोरेशन और मध्यांचल निगम दोनों ही कर रहे है। वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद इस नये सिस्टम के तहत जोनों में तैनात दो अधीक्षण अभियंता पहले से जहां अधिक पावरफुल होंगे, वहीं तकनीक और वाणिज्य अधीक्षण अभियंता भी इसकी जिम्मेदारी उठायेंगे। वहीं लेसा में वर्टिकल व्यवस्था के लागू होने से 7 हजार से अधिक पदों को समाप्त करने की तैयारी कर ली गई है।

राजधानी में लेसा 30 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को बिजली आपूर्ति कर रहा है। शहरी क्षेत्रों में लगातार बिजली उपभोक्ता बढ़ रहे हैं। अभी राजधानी को चार जोनों में बांटकर मुख्य अभियंता से लेकर संविदा कर्मचारियों तक की तैनाती की गई है।

उपभोक्ताओं की बिजली समस्याओं के निस्तारण के लिए जहां विभाग की ओर से चार जोन जिसमें अमौसी, सेंट्रल, जानकीपुरम और गोमतीनगर में उपभोक्ताओं को बांटा गया है। इसके साथ ही चारो जोनों में मुख्य अभियंता की तैनाती भी है। 

इसके अलावा 12 अधीक्षण अभियंता, 50 अधिशासी अभियंता, 109 सहायक अभियंता और 287 अवर अभियंता तैनात है। इसके अलावा 1852 टीजी टू और लेखा संवर्ग में, 104 एकाउंटेंट, 686 एग्जीक्यूटिव असिस्टेंट समेत करीब 3500 संविदा कर्मियों सहित 1500 मीटर रीडर सहित अन्य कर्मचारियों की मदद से राजधानी का बिजली विभाग बना है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार वर्टिकल व्यवस्था के इस नयें सिस्टम के लागू होने के बाद शहर में तैनात 12 अधीक्षण के जगह इनकी संख्या को आठ कर दिया जायेगा।

वर्टिकल व्यवस्था में घटाई जायेगी पदों की संख्या

1 नवबंर से राजधानी में लागू हो रही वर्टिकल व्यवस्था के बाद वर्तमान में तैनात मे 50 अधिशासी अभियंता की जगह 35, सहायक अभियंताओं के 109 पदों की जगह 86 और 287 अवर अभियंता के स्थान पर 142 अभियंता को तैनात करने की तैयारी है। वहीं टीजी टू के 1852 पदों को घटाकर 503, लेखा संवर्ग में एकाउंट के 104 पदो की जगह 53, एग्जीक्यूटिव सहायक के 686 की तैनाती की जगह 280 लोगों को तैनात किया जा रहा है। इसके साथ ही कैंप सहायक के 74 पदों की जगह इनकी संख्या को मात्र 12 किया जा रहा है। पद को खत्म करने और छंटनी के मामले में सबसे बड़ी गाज संविदा कर्मियों पर गिरने वाली है, क्योकि इस व्यवस्था के लागू होने के बाद संविदा कर्मियों के पांच हजार से अधिक पदों को खत्म किया जा रहा है।

निविदा संविदा कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री द्रवेंद्र कुमार पाण्डेय ने वर्टिकल व्यवस्था से उपभोक्ताओं को कोई बेहतर सुविधा नहीं मिलेगी। इसके साथ ही संविदा कर्मचारियों के हितों को भी नुकसान हो रहा है। वर्टिकल व्यवस्था से होने वाले खतरे को देखते हुए संविदा कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री, कॉरपोरेशन के चेयरमैन सहित नई व्यवस्था को देखने वाले निदेशकों को पत्र लिखकर पूरे मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है।

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