कानपुर : 15वें वित्त के विकास कार्यों की एचबीटीयू करेगा जांच, फिर होगा भुगतान
वायु गुणवत्ता सुधार के लिए शासन की ओर से मिला है बजट, 10 लाख से ऊपर सभी कार्यों की होगी जांच
कानपुर, अमृत विचार। शहर में पिछले दिनों हुए सड़क गड्ढा मुक्त व पैचवर्क के कार्यों की जांच एचबीटीयू का सिविल इंजीनियरिंग विभाग करेगा। विभाग की रिपोर्ट के आधार पर ही नगर निगम के ठेकेदारों का भुगतान होगा। नगर निगम ने कार्यों की गुणवत्ता जांचने के लिए एचबीटीयू को पत्र लिखा है।
अभियंत्रण विभाग के अनुसार शहर में 72 करोड़ से 200 विकास कार्यों को पिछले दिनों कराया गया है। इसमें 10 लाख रुपये से ज्यादा बजट के सभी विकास कार्यों की जांच होगी, इसके बाद ही भुगतान किया जायेगा। बरसात के बाद शहर की सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए।
पाइप लाइनों व दूसरे विकास कार्यों की वजह से भी सड़कें गड्ढायुक्त हो गईं। इसपर शासन की सख्ती बढ़ी तो महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा 15वें वित्त आयोग की ओर से शहर में वायु प्रदूषण नियंत्रण एवं वायु गुणवत्ता सुधार के लिए जारी बजट से कार्य कराने की योजना को स्वीकृति दी गई।
इसके बाद सड़कों को गड्ढामुक्त करने और धूल के नियंत्रण के लिए नगर निगम की ओर से कार्य कराए जा रहे हैं। इसमें कुछ कार्य हो चुके हैं और आगे भी कई कार्य होने बाकी है। नगर आयुक्त ने हो चुके ऐसे 200 विकास कार्यों की सूची एचबीटीयू को भेजी है, और गुणवत्ता की जांच करने को कहा है।
योजना के अन्तर्गत 10 लाख से अधिक लागत के कार्यों की गुणवत्ता एवं उपयोगिता की जाँच एचबीटीयू से कराई जा रही है। गुणवत्ता एवं उपयोगिता की जांच रिपोर्ट मुख्य अभियन्ता, सिविल के कार्यालय व ई-मेल पर मांगी गई है। ताकि कार्यों की जाँच पर आने वाले व्यय का बिल के सापेक्ष भुगतान किया जा सके।
100 करोड़ रुपये से ज्यादा मिला अनुदान
शासन द्वारा 15वें वित्त आयोग की संस्तुतियों के अन्तर्गत वर्ष 2020-21 के लिये वायु गुणवत्ता सुधार के लिए नगर निगम को 106 करोड़ 90 लाख की धनराशि जारी की गयी है। जिसके तहत की शहर में विकास कार्य कराए जा रहे हैं।
विकास कार्यों पर सवाल, इसलिए हो रही जांच
अभियंत्रण विभाग के अधिकारियों के अनुसार कई ठेकेदारों ने वर्कआर्डर के बाद नियमता काम नहीं किया है। फौरी कार्य की वजह से स्थानीय लोगों द्वारा नगर निगम में निरंतर शिकायत की जा रही है। क्षेत्रीय पार्षदों ने भी कई विकास कार्यों पर सवार उठाए हैं। कई जगह सड़कों को आधा-अधूरा बनाकर छोड़ दिया गया। वहीं, कई स्थानों पर पैचवर्क की क्वालिटी घटिया है। इसके बाद ही कार्यों की जांच की जा रही है।
