लखनऊ : सस्ते दामों पर उपलब्ध होगी स्टैंडर्ड शराब, मंत्री का अधिकारियों को निर्देश
राज्य ब्यूरो, लखनऊ, अमृत विचार: उप्र. सरकार ने नई शीरा नीति (2025-26) अंतर्गत ‘ शीरा वर्ष 2025-26’ का अनुपालन कराने के निर्देश दिए हैं। नीति में अल्प आय वर्ग व ग्रामीण क्षेत्रों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए सस्ते दामों पर वैध व मानक मदिरा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। साथ ही, राज्य सरकार के राजस्व में वृद्धि करना और अवैध शराब की बिक्री पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करना भी है।
यह जानकारी आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने बुधवार को दी, उन्होंने कहा नई नीति के अनुसार राज्य में देसी शराब का उत्पादन और आपूर्ति नियंत्रित मात्रा में की जाएगी, ताकि गुणवत्ता बनाए रखते हुए उपभोक्ताओं को सुरक्षित शराब उपलब्ध हो। देसी शराब की निर्धारित मात्रा में शीरा सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष बी-ग्रेड भट्टियों के माध्यम से 585.9 लाख क्विंटल गुड़ का उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही बी-ग्रेड और सी-ग्रेड में शीरा को 18 प्रतिशत आरक्षित किया गया है। इसके अलावा आदेश दिया है कि सभी आवंटी को पोर्टल पर 30 दिनों के भीतर अपने शीरा स्टॉक का विवरण अपलोड करना होगा। निर्धारित समय में शीरा का उठान न करने पर संबंधित अनुज्ञापी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
आबकारी मंत्री ने बताया कि नीति के तहत इस वर्ष छोटी इकाइयों को एक लाख क्विंटल तक शीरा आवंटन की अनुमति दी गई है। इससे अधिक मांग वाले प्रकरणों का निर्णय शासन स्तर पर होगा। राज्य में नए डिस्टिलरी संयंत्रों की स्थापना और शीरा उठान की निगरानी के लिए एक प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग यूनिट (पीएमयू) गठित की जाएगी। उन्होंने बताया कि उत्पादन, भंडारण और परिवहन में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू करने की भी घोषणा की गई है। साथ ही, औद्योगिक उपयोग के लिए शीरा पर कर में एक प्रतिशत से घटाकर आधा प्रतिशत की राहत दी गई है। उन्होंने बताया कि यह नीति किसानों, ग्रामीण रोजगार, शराब उद्योग और राजस्व वृद्धि—चारों पहलुओं में संतुलित विकास का आधार बनेगी।
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