विश्वविद्यालय में पहला दिन

Amrit Vichar Network
Edited By Anjali Singh
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लखनऊ विश्वविद्यालय में मेरा पहला दिन सचमुच अविस्मरणीय रहा। यह मेरा भारत आने का भी पहला अनुभव था, इसलिए उस दिन मैं बहुत उत्साहित थी। साथ ही थोड़ी जिज्ञासा और हल्की घबराहट भी थी। मैं श्रीलंका से हूं और इस विश्वविद्यालय में पढ़ने का अवसर पाकर मैं खुद को भाग्यशाली और आभारी महसूस करती हूं। मैंने विश्वविद्यालय के बारे में पहले पढ़ा था और गूगल पर भी कई बार देखा था, लेकिन उसे अपनी आंखों से देखने का उत्साह अलग ही था। जैसे ही मैं अपनी दोस्तों के साथ विश्वविद्यालय पहुंची, वहां की सुंदर इमारतें और ऐतिहासिक वातावरण देखकर मैं बहुत प्रभावित हुई। विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक सभी कर्मचारियों ने हमारा बहुत ही अपनापन से स्वागत किया।

पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया में उन लोगों ने हमारी मदद की, जिससे मेरी घबराहट काफी कम हो गई। भाषा की थोड़ी मुश्किलें जरूर थीं, लेकिन उन्होंने मुझे कभी असहज महसूस नहीं होने दिया। मुझे आज भी याद है, जैसे ही हमारा पंजीकरण पूरा हुआ और हम बाहर निकलने लगे, अचानक बारिश शुरू हो गई। प्रकृति प्रेमी होने के नाते वह पल मुझे बहुत अच्छा लगा। बारिश और विश्वविद्यालय का दृश्य मिलकर एक नई शुरुआत का अहसास दे रहा था। हालांकि घर की याद से थोड़ी उदासी भी थी, लेकिन एक गरम प्याली चाय ने वह उदासी तुरंत मिटा दी। तभी मुझे लगा कि यह जगह मुझे केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि अनमोल अनुभव भी देगी।-धिनुका सुमन कुमारी