बरेली: अतिक्रमण हटाने पहुंचे साहब भूल गए मानवता, दूसरी मंजिल पर फंसा परिवार
बरेली,अमृत विचार। थोड़ी से मानवता की अनदेखी के कारण एक परिवार मकान की पहली और दूसरी मंजिल पर फंसा रहा। नीचे उतरने के लिए लगी लोहे की सीढ़ी को नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ अभियान की टीम लेकर चली गई। इसके अलावा मकान से नीचे उतरने का कोई उपाय न देख मकान में फंसी बुजुर्ग …
बरेली,अमृत विचार। थोड़ी से मानवता की अनदेखी के कारण एक परिवार मकान की पहली और दूसरी मंजिल पर फंसा रहा। नीचे उतरने के लिए लगी लोहे की सीढ़ी को नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ अभियान की टीम लेकर चली गई। इसके अलावा मकान से नीचे उतरने का कोई उपाय न देख मकान में फंसी बुजुर्ग महिला और बच्चे रोने लगे। महिला के आंसू टपक रहे थे। लेकिन जिम्मेदार अफसरों का कलेजा नहीं पसीजा। यह दृश्य देखकर आस-पास के लोग भावुक हो गए।

सोमवार को नगर निगम की टीम शहर के सिकलापुर मोहल्ले में अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची। फर्नीचर उद्योग के लिए प्रसिद्ध यह मोहल्ला काफी पुराना है। इसके कारण मुख्य मार्ग संकरा भी हो गया है। टीम ने सड़क के फुटपाथ पर कब्जा करने वालों का अतिक्रमण जेसीबी मशीन से हटवा दिया। मकान के आगे सीमेंट की सीढ़ी और कुछ जगहों पर दुकान के छज्जों को गिरा दिया। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर मोहल्ले में हड़कंप मच गया।
जब टीम फर्नीचर की मरम्मत करने वाले फरीद के घर पहुंची तो पेड़ के पास लगे लोहे की सीढ़ी को जेसीबी मशीन से हटा कर जब्त कर लिया गया। मकान के दूसरी मंजिल पर सबीला खिड़की के रास्ते देखकर रोने लगे और नीचे उतारने की गुहार लगाने लगी। इसके ऊपर के मंजिल पर छोटे बच्चे आयान, शुभान, फैसल, रफत और रानी भी खिड़की से आने-जाने लोगों से सीढ़ी वापस कराने की गुहार लगाते रहे। पर किसी ने एक न सुनी।
इसकी जानकारी होने पर फरीद नगर निगम पहुंचे तो जिम्मेदार अफसरों ने कहा कि मंगलवार की दोपहर में 12 बजे आने पर सीढ़ी मिलेगी। निराश होकर घर लौटे भवन स्वामी किसी तरह बगल की दीवार पर चढ़कर बच्चों के पास पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस मकान में जाने का कोई अन्य रास्ता नहीं है। अब पूरी रात सीढ़ी के इंतजार में गुजारनी पड़ेगी। अतिक्रमण हटाने वाली टीम में कर निर्धारण अधिकारी ललतेश सक्सेना, सुधीर उर्फ भोला और जय पाल रहे।
