बरेली: किसानों के प्रदर्शन से जरी का काम ठप
अमृत विचार, बरेली। दिल्ली में हो रहे किसानों के प्रदर्शन का असर कारोबार पर भी पड़ने लगा है। दूसरे शहरों से कच्चा माल न आने की वजह से जरी कारीगर खाली बैठे हुए हैं। लाखों रुपये का कपड़ा और जरी के काम में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान दूसरे शहरों में अटका हुआ है। इससे …
अमृत विचार, बरेली। दिल्ली में हो रहे किसानों के प्रदर्शन का असर कारोबार पर भी पड़ने लगा है। दूसरे शहरों से कच्चा माल न आने की वजह से जरी कारीगर खाली बैठे हुए हैं। लाखों रुपये का कपड़ा और जरी के काम में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान दूसरे शहरों में अटका हुआ है। इससे जरी के काम पर भयंकर मंदी छा गई है। कोरोना संकट के बीच दम तोड़ चुके जरी काम अब पिछले दो माह से पटरी पर लौटा था, मगर अब किसानों की हड़ताल की वजह से काम पर एक दम से मंदी छा गई है।
कृषि कानून के विरोध में देशभर के किसान दिल्ली में हड़ताल कर रहे है, जिसके चलते कई कामों पर इसका असर पड़ा है। जरी के कारीगर भी मौजूदा समय में खाली हाथ बैठे हुए है। काम न होने से उनके सामने रोजी रोटी का संकट आ खड़ा हो गया है। जरी का काम कराने वाले मोहम्मद इरफान ने बताया कि जरी के लिए इस्तेमाल होने वाला कपड़ा दिल्ली, गुजरात, पंजाब और लुधियाना से आता है।
किसानों की हड़ताल की वजह से ज्यादातर माल दूसरे शहरों में फंसा हुआ है। यही वजह है कि जिले के जरी कारीगर मौजूदा समय में खाली घूम रहे है। जरी कारीगर नईम अल्वी बताते हैं कि मौजूदा समय में किसी भी संचालक के पास काम नहीं है। इस वजह से करीब 10 दिनों से खाली घूम रहे हैं। वहीं, जरी कारीगर दिलशाद बताते है कि काम ने होने की वजह से आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अब कारीगर किसानों की हड़ताल खत्म होने का इंतजार कर रहे है।
