Bareilly : CRPF कैंप पर आतंकी हमले का दूसरा आरोपी शरीफ भी रिहा, 17 साल बाद आया बाहर
बरेली, अमृत विचार। रामपुर के सीआरपीएफ कैंप पर वर्ष 2007 में हुए आतंकी हमला करने वाले जंग बहादुर खान उर्फ बाबा के बाद अब मंगलवार को शरीफ उर्फ सुहेल उर्फ साजिद उर्फ अनवर उर्फ अली को रिहा किया गया। उसके परिजन उसे घर के लिए लेकर रवाना हुए। सेंट्रल जेल से सोमवार की शाम जंग बहादुर खान को रिहा किया गया था। शरीफ 17 साल 8 महीने 10 दिन जेल में रहने के बाद रिहा किया गया है। यह रिहाई इलाहाबाद हाईकोर्ट के 29 अक्टूबर के आदेश के अनुपालन में हुई है।
दरअसल, साल 2007 में रामपुर सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमला हुआ था। इसमें सात जवान शहीद हुए थे और एक रिक्शा चालक की भी मौत हुई थी। इस केस में शरीफ समेत छह आरोपियों को 2019 में रामपुर की अदालत ने दोषी करार दिया था। मोहम्मद शरीफ, बिहार के सबाउद्दीन, कश्मीर के इमरान शहजाद और पाकिस्तान के मोहम्मद फारुख को मौत की सजा दी गई थी, जबकि मुरादाबाद के जंग बहादुर खान उर्फ बाबा को उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसी साल 29 अक्टूबर को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलट दिया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को हत्या, आतंकी गतिविधियों और षड्यंत्र की धाराओं से दोषमुक्त कर दिया। हालांकि, शस्त्र अधिनियम की धारा 25(1-ए) में दस साल की सजा और एक लाख रुपये जुर्माना कायम रखा गया।
जुर्माना भरने के बाद पूरी हुई रिहाई प्रक्रिया
हाईकोर्ट के आदेश के बाद रामपुर की अदालत ने 7 नवंबर को संशोधित सजायावी वारंट जारी किया, जो 10 नवंबर को जेल प्रशासन को मिला। आदेश के मुताबिक, शरीफ को केवल उसी मामले में सजा भुगतनी थी जिसमें शस्त्र अधिनियम की धारा बची थी। रिहाई से पहले शरीफ ने जुर्माने की राशि जमा कराई। चालान जमा होते ही मंगलवार को उसकी रिहाई की गई। हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि शरीफ द्वारा पहले से जेल में बिताई गई अवधि को उसकी अंतिम सजा में समायोजित किया जाए। इस हिसाब से उसकी 10 साल की सजा पूरी मानी गई और जेल प्रशासन ने रिहाई का आदेश जारी किया। शरीफ उर्फ सुहेल पर रामपुर सिविल लाइंस थाने में कई केस दर्ज थे, जिनमें विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और गैंगस्टर एक्ट भी शामिल थे। गिरफ्तारी के समय उसे आतंकी गतिविधियों से जोड़कर देखा गया था, लेकिन लंबे अदालती संघर्ष के बाद सभी गंभीर आरोपों से मुक्त हो चुका है।
जंग बहादुर पहले दिन ही हुआ रिहा हुआ
इस केस में सजा काट रहे मुरादाबाद के जंग बहादुर खान उर्फ बाबा को सोमवार की शाम रिहा किया गया था। जबकि शरीफ की रिहाई मंगलवार को हुई, क्योंकि उसका जुर्माना सोमवार तक जमा नहीं हो पाया था। जेलर नीरज कुमार के अनुसार, मंगलवार को चालान जमा होते ही शरीफ को भी रिहा कर दिया गया। दोनों बंदी अपने परिजनों के साथ घर के लिए रवाना हो गए। करीब डेढ़ दशक जेल में बिताने के बाद मंगलवार की शाम शरीफ उर्फ सुहेल की रिहाई से जेल परिसर में चर्चा का माहौल रहा। जिस मामले में कभी उसे आतंकी करार दिया गया था, उन्हीं आरोपों से अब अदालत ने उसे मुक्त कर दिया।
