बरेली: 3455 डिफाल्टर आवंटियों से परेशान बीडीए, दबाए बैठे हैं करोड़ों की रकम
अमृत विचार, बरेली। बरेली विकास प्राधिकारण ने बकाया वसूल करने के लिए एक मुश्त समाधान योजना(ओटीएस) के तहत आवंटियों को कर्ज चुकता करने पर ब्याज पर छूट का देने की योजना चलाई। ओटीएस के जरिए प्राधिकारण ने सोचा कि आर्थिक हालत में सुधार होगा। पर इसके बाद भी करोड़ों रूपए दबाए बैंठे डिफाल्टर आवंटियों ने …
अमृत विचार, बरेली। बरेली विकास प्राधिकारण ने बकाया वसूल करने के लिए एक मुश्त समाधान योजना(ओटीएस) के तहत आवंटियों को कर्ज चुकता करने पर ब्याज पर छूट का देने की योजना चलाई। ओटीएस के जरिए प्राधिकारण ने सोचा कि आर्थिक हालत में सुधार होगा। पर इसके बाद भी करोड़ों रूपए दबाए बैंठे डिफाल्टर आवंटियों ने कर्ज चुकाने के लिए कदम नहीं बढ़ाया। जबकि इस योजना का दो बार समय भी बढ़ाया जा चुका है।
प्राधिकारण ने 6 मार्च से 5 जून 2020 तक डिफाल्टर आवंटियों को ओटीएस के जरिए धन भुगतान का अवसर दिया। इसके बाद ही 22 मार्च से कोविड के कारण लाकडाउन लग गया था। इसके कारण आवंटियों ने धन नहीं जमा किया। इस पर बीडीए ने ओटीएस योजना की तिथि 30 अक्टूबर तक बढ़ा दी। लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
एक बार फिर प्राधिकारण ने 31 दिसम्बर तक इस योजना की तिथि को बढ़ा दिया है। विभागीय आकंड़ों पर गौर किया जाए तो बीडीए ने 3455 डिफाल्टर आवंटी घोषित कर रखे हैं। जिनके पास बीडीए का करोड़ों रुपया बकाया है। बार- बार तिथि बढ़ाने के बाद अभी तक ओटीएस के तहत महज 66 डिफाल्टर आवंटियों ने आवेदन किया है। इससे साफ जाहिर होता है, करीब डेढ़ प्रतिशत ही योजना की प्रगति हो पाई है। वहीं, दूसरी तरफ बीडीए के आय पर इस साल गहरा प्रभाव पड़ा है।
कोरोना के कारण आय में दिनों दिन कमी आई है। इसके साथ ही कई योजनाएं अधूरी होने के कारण आय प्रभावित हुई है। इसके चलते बीडीए ने कुछ दिन पहले रामगंगा नगर आवसीय योजना और ट्रांसपोर्ट नगर भूखंड बेचकर आय बढ़ाने की योजना बनाई है। अब देखना है कि डिफाल्टरों से परेशान बीडीए इस साल आय अर्जित करने में कितना सफल हो पाता है।
