बरेली: बाघिन की तालाश में पीलीभीत से आई टीम रामगंगा तटबंध के आसपास लगाए कैमरे
अमृत विचार, आंवला। अलीगंज क्षेत्र के रामगंगा खादर में दहशत का पर्याय बन चुकी बाघिन की तलाश में मंगलवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व सेंटर से आई टीम ने रामगंगा तटबंध के आसपास पांच स्थानों पर कैमरे लगाए। वन विभाग की टीम ने तटबंध के पास डेरा जमा रखा है। यहां रात में भी बाघिन की …
अमृत विचार, आंवला। अलीगंज क्षेत्र के रामगंगा खादर में दहशत का पर्याय बन चुकी बाघिन की तलाश में मंगलवार को पीलीभीत टाइगर रिजर्व सेंटर से आई टीम ने रामगंगा तटबंध के आसपास पांच स्थानों पर कैमरे लगाए। वन विभाग की टीम ने तटबंध के पास डेरा जमा रखा है। यहां रात में भी बाघिन की तलाश की जाएगी।
मंगलवार की सुबह मुख्य वन संरक्षक बरेली जोन ललित वर्मा एवं वन संरक्षक जावेद अख्तर के नेतृत्व में वन क्षेत्राधिकारी आरके शर्मा, वन दरोगा अवनेश कुमार गंगवार, महेश चंद्र, विपिन कुमार, वीरेंद्र कुमार आदि वन कर्मियों ने रामगंगा तटबंध के पास कटरी एवं गन्ने आदि के खेतों में अभियान चलाया।
रेंजर आंवला आरके शर्मा ने बताया कि रामगंगा तटबंध के रास्ते पर 500 मीटर दूरी तक बाघिन के पंजों के ताजा निशान पाए गए हैं। उन्होंने बताया पीलीभीत टाइगर रिजर्व सेंटर से आए डॉ. दिलीप गंगवार के नेतृत्व में आई टीम ने भी क्षेत्र में बाघिन की तलाश में सर्च अभियान चलाया लेकिन कोई खास सफलता टीम को नहीं मिली। पीलीभीत से आई टीम द्वारा तटबंध के पास पांच स्थानों पर कैमरे लगाए गए हैं। लोकेशन मिलते ही बाघिन को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा।
डीएफओ ने बताया कि टीम लगी हुई है परन्तु तीन दिनों में भी कोई पता नहीं लग सका है। टीम वाच कर रही है परन्तु बाघिन दिखाई नहीं दे रहा है। आसपास के लोगों को सचेत कर दिया गया है कि सुबह व शाम को इस ओर न जाएं तथा बच्चों को भी न जाने दें। जरूरत हो तो शोर-शराबा मचा कर ही आएं, अकेले न आएं। हालांकि, अभी तक बाघिनिन की लोकेशन पता नहीं लग पाई है, जब लोकेशन पता लग जाएगी तो पिंजरा लगा दिया जाएगा। अधिकारियों का अनुमान है कि यहां से रबर फैक्ट्री की भी दूरी करीब सात किलोमीटर है, हो सकता है उस जगह पर मूवमेंट हो। फिलहाल अभी केवल पद चिह्न ही मिले हैं
