थोक औषधि विक्रय लाइसेंस को लेकर निर्देश हुए सख्त, औषधि निरीक्षकों को जारी हुई विस्तृत गाइडलाइन
लखनऊ, अमृत विचार : औषधि एवं प्रसाधन सामग्री नियमावली, 1945 के अंतर्गत थोक औषधि विक्रय लाइसेंस जारी करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए औषधि नियंत्रक विभाग ने सभी औषधि निरीक्षकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त डॉ.रोशन जैकब की ओर से जिलाधिकारी कार्यालयों को भेजे गए हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन आयुक्त ने निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि नियम 64, 65 एवं 65-A के तहत लाइसेंस निर्गत करते समय आवेदक, फर्म के संविधान, परिसर के स्वामित्व/कब्जे, भंडारण व्यवस्था तथा तकनीकी व्यक्ति (फार्मासिस्ट) से संबंधित सभी तथ्यों का सत्यापन अनिवार्य होगा।
उन्होंने आवेदक को अपनी पहचान से जुड़े अभिलेख, शैक्षिक योग्यता, पिछले तीन वर्षों के व्यवसाय संबंधी शपथ-पत्र प्रस्तुत करने होंगे। फर्म के संविधान के अनुसार पार्टनरशिप डीड, कंपनी के लिए इन्कॉरपोरेशन प्रमाण-पत्र, एमओए, एओए, ट्रस्ट डीड या एलएलपी दस्तावेज अनिवार्य किए गए हैं। इसके अलावा परिसर के लिए स्वामित्व दस्तावेज या पंजीकृत किरायानामा, भवन स्वामी का अनापत्ति प्रमाण-पत्र तथा जीपीएस लोकेशन सहित फोटो अनिवार्य होंगे। भंडारण व्यवस्था में रेफ्रिजरेटर, बिजली व्यवस्था और साइन बोर्ड की स्पष्ट तस्वीरें मांगी गई हैं।
साथ ही, सक्षम फार्मासिस्ट की शैक्षिक योग्यता, पंजीकरण प्रमाण-पत्र और पहचान संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन भी अनिवार्य किया गया है। विभाग का कहना है कि इन निर्देशों से औषधि लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगेगी।
