UP: बुलडोजर के डर से खुद तोड़ ली थी मस्जिद, जमीन पर बनेंगे गरीबों के आशियाने
संभल, अमृत विचार। संभल जनपद के ऐंचोड़ा कंबोह थाना क्षेत्र अंतर्गत सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद को ध्वस्त करने के लिए प्रशासन का बुलडोजर पहुंचने से पहले ही मुस्लिम समुदाय के लोगों ने रात भर मशक्कत कर मस्जिद को खुद तोड़कर उसकी मालवा भी वहां से हटा दिया। जिस सरकारी जमीन पर मस्जिद बनाई गई थी, वहां अब गरीबों के आशियाने बनेंगे।
जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया व पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई ने मस्जिद की जगह पर खड़े होकर गांव के 20 गरीब लोगों को जमीन के पट्टों का प्रमाण पत्र दिया। यह भी भरोसा दिलाया कि जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं और जिनके पास अपना घर नहीं है उन्हें सरकार मकान बनाकर देगी।
सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर गांव में वर्ष 2000 में चकबंदी के दौरान आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को मकान बनाने के लिए भूमि चिह्नित कर छोड़ी गई थी। इस जमीन पर गरीबों को काबिज नहीं होने दिया गया और मस्जिद का निर्माण कर लिया गया। अवैध रूप से मस्जिद बनाए जाने के खिलाफ 2018 से कार्रवाई हो रही थी। 14 जून 2018 को लेखपाल ने सरकारी जमीन कब्जा कर मस्जिद का निर्माण करने की रिपोर्ट अधिकारियों को दी थी। इसके बाद से ही इसे लेकर कानूनी प्रक्रिया चल रही थी। तहसीलदार न्यायालय में लंबे समय तक मामला चलने के बाद तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह ने सरकारी जमीन पर बनाई गई अवैध मस्जिद को ध्वस्त करने के आदेश जारी किए थे। मस्जिद को तोड़ने के लिए 4 जनवरी रविवार का दिन तय किया गया था। सुबह 10 बजे पुलिस प्रशासनिक अमला बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंचा तब देखा कि जमीन खाली थी और मस्जिद का निर्माण तोड़ लिया गया था। ज्यादातर मलवा भी रात में ही हटा दिया गया था। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने खुद ही रात को मस्जिद का निर्माण तोड़ लिया और मलवा भी हटा दिया।
मौके पर 20 लोगों को दिए जमीन के पट्टे
जिलाधिकारी राजेंद्र पैंसिया व पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार विश्नोई भी रविवार को सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर गांव में उस जगह पर पहुंचे जहां सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। दोनों अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। इसके बाद गांव के 20 लोगों को उसी जगह पर बुलाया गया और उन्हें मकान बनाने के लिए आवासीय पट्टों के प्रमाण पत्र दिए गए। गांव के दलित जाति के 10, बहेलिया जाति के पांच और पिछड़ा वर्ग के 10 लोगों को प्रशासन ने आवासीय पट्टे दिए। जिला अधिकारी ने कहा कि जिन लोगों को पट्टे आवंटित किए गए हैं वह बेखौफ होकर अपनी जगह पर मकान बनाएं। यह भी कहा कि जो लोग ऐसे हैं जिनके पास पहले से मकान नहीं है उन्हें सरकार मकान बना कर देगी। जिलाधिकारी ने तहसीलदार को निर्देश दिए कि वह आज ही सभी लोगों की भूमि की माप जोख कराकर उनके हवाले करें। आवास बनाने के लिए जमीन के पट्टे मिलने पर लोग बेहद खुश नजर आए और उन्होंने प्रशासन का आभार जताया।
