तुम मेरा पहला प्यार हो, माफ कर देना.. सुसाइड से पहले प्रेमी ने भरी प्रेमिका की मांग, ट्रेन से कटकर दे दी जान, लाशों के उड़े चीथड़े
लखनऊ, अमृत विचार। यूपी की राजधानी लखनऊ के राजाजीपुरम में जलालपुर रेलवे फाटक के पास शनिवार दोपहर प्रेमी-प्रेमिका ने रेलवे पटरी पर लेटकर आत्महत्या कर ली। वंदे भारत ट्रेन से कटकर दोनों की मौत हो गई। सूचना मिलते ही तालकटोरा पुलिस मौके पर पहुंची। छानबीन में पता चला कि दोनों कैंट सदर में एक ही कंपनी में नौकरी करते थे। कई साल से प्रेम प्रसंग चल रहे थे।
खुदकुशी से पहले प्रेमी ने प्रेमिका की मांग भरी और उसके बाद दोनों ने मौत को गले लगाया। ट्रैक के पास पड़े बैग में सुसाइड नोट मिले, जिसमें सभी से माफी मांगी और लिखा था- एक दूसरे के बिना नहीं रह सकते। लापता युवती की गुमशुदगी सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज थी।
इंस्पेक्टर तालकटोरा कुलदीप दुबे ने बताया कि सूर्यकांत (35) निशातगंज वालदा कालोनी के रहने वाले थे और दीपाली (26) सुशांत गोल्फ सिटी के अजुर्नगंज शाहखेड़ा में रहती थीं। सूर्यकांत कुछ समय से नीलमथा में किराए पर रहते थे। दोनों एक ही कंपनी में काम करते थे। सूर्यकांत फील्ड का कार्य देखता था, जबकि दीपाली कैशियर थी। सूर्यकांत वर्तमान में नीलमथा में किराए के मकान में पत्नी सविता कांत और नौ वर्षीय बेटे अरमान के साथ रहता था।
राजाजीपुरम डी-ब्लाक निवासी प्रत्यक्षदर्शी विकास कुमार ने बताया कि दोनों शनिवार दोपहर करीब एक बजे से जलालपुर रेलवे फाटक के आस पास टहल रहे थे। करीब पौने दो बजे वंदे भारत ट्रेन आते देखकर दोनों रेलवे पटरी पर लेट गए। दोनों की कटकर मौत हो गई। दीपाली का सिर धड़ से अलग हो गया था। चश्मदीद ने डॉयल-112 पर सूचना दी।
जानकारी मिलते ही तालकटोरा पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंच गई। पास में एक बैग पड़ा था। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य संकलन किए। बैग से दोनों के आधार कार्ड और दस्तावेजों से शव की शिनाख्त हुई। इसके बाद उनके परिवारवालों को फोन कर सूचना दी गई।कुछ देर में ही सूर्यकांत और दीपाली के घरवाले वहां पहुंच गए।
बताया जा रहा है कि वर्ष 2014 में निशातगंज निवासी सविता से सूर्यकांत की शादी हुई थी। सूर्यकांत के परिवार में पिता उमाकांत और बड़ा भाई चंद्रकांत हैं। वहीं, दीपाली के परिवार में पिता अमरेंद्र यादव, मां बबिता और भाई हर्ष हैं। पोस्टमार्टम हाउस पर परिवारवालों ने बात करने से इनकार कर दिया। सुशांत गोल्फ सिटी इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि दीपाली की दो दिन पहले गुमशुदगी दर्ज हुई थी। लोकेशन के आधार पर टीमें तलाश कर रही थी। इस बीच दोपहर उसकी आत्महत्या की सूचना तालकटोरा पुलिस से मिली।
दोनों ने सुसाइड नोट में मांगी माफी
इंस्पेक्टर ने बताया कि सूर्यकांत और दीपाली दोनों के पास से सुसाइड नोट मिला। सूर्यकांत ने पत्नी को संबोधित करते हुए लिखा कि तुम मेरा पहला प्यार हो। मुझे माफ कर देना। बेटे और परिवार का ख्याल रखना। मैं और दीपाली एक नहीं हो सकते हैं। इसलिए जान दे रहे हैं।
वहीं, दीपाली ने अपने माता-पिता को लिखा कि मुझे माफ कर देना। मैं आपको अपने रिश्ते के बारे में बताकर नाराज नहीं करना चाहती थी। सामाजिक बदनामी होती। वह सूर्यकांत से बहुत प्यार करती है, इसलिए शादी करने के बाद जान दे रही है। दोनों ने खुद को मौत का जिम्मेदार ठहराया है।
7 जनवरी से थी लापता, किराए के कमरे में रहे दोनों
सुशांत गोल्फ सिटी इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय ने बताया कि दीपाली 7 जनवरी को आफिस जाने के लिए घर से निकली थी। इसके बाद वह लौटकर घर नहीं पहुंची थी। घरवालों ने खोजबीन की, लेकिन उसका कुछ पता नहीं चला। 8 जनवरी को पिता ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। दोनों के पास से मिले साक्ष्यों से पता चला कि दो दिन तक वह किराए पर कमरा लेकर सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में ही रहे थे।
