आरटीई से फिर खुलेगा महंगे स्कूलों का दरवाजा : नामी निजी विद्यालयों में पढ़ सकेंगे गरीबों के बच्चे
बाराबंकी, अमृत विचार : गरीबी से जूझते लेकिन नामी स्कूलों में पाल्यों को पढ़ाने की चाहत रखने वाले अभिभावकों की मुराद शिक्षा का अधिकार अधिनियम फिर पूरी करने वाला है। आवेदन प्रक्रिया 2 फरवरी से शुरु होगी। तीन चरणों में हजारों बच्चों को नामी गिरामी स्कूलों में दाखिला लेने व उच्च स्तर की पढ़ाई का मौका मिल सकेगा।
बताते चलें कि निर्धनता से जूझ रहे अभिभावकों के लिए बड़े स्कूलों में पाल्यों को पढ़ाना किसी ख्वाब से कम नही लेकिन केन्द्र सरकार की शिक्षा का अधिकार अधिनियम ने माता पिता के अरमानों काे पंख लगा दिए हैं। करीब डेढ़ दशक से भी पुरानी इस योजना से अब तक हजारों बच्चे लाभान्वित हुए और जाने कितने पढ़ाई पूरी कर अब आगे बढ़ चुके हैं। इस साल फिर आईटीई ने अवसर प्रदान किया है। बाराबंकी नगर क्षेत्र के 29 वार्डों और 13 नगर पंचायतों में संचालित 242 निजी विद्यालय योजना में शामिल हैं। इन स्कूलों में 27,360 सीटें आरक्षित की गई हैं। इन सीटों पर निर्धन और वंचित परिवारों के बच्चों के लिए प्रवेश के रास्ते खुल गए हैं। प्रवेश प्रक्रिया दो फरवरी से शुरू होकर तीन चरणों में पूरी होगी। हर निजी विद्यालय में 25 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी जाएंगी।
पहले चरण में आवेदन 2 फरवरी से 16 फरवरी, लॉटरी 18 फरवरी व प्रवेश 20 फरवरी को होगा। दूसरे चरण में आवेदन 21 फरवरी से 7 मार्च, लॉटरी 9 मार्च तथा प्रवेश 11 मार्च को होगा, इसी तरह तीसरे चरण में आवेदन 12 मार्च से 25 मार्च, लाटरी 26 मार्च तथा प्रवेश 27 मार्च हो होगा। अभिभावक ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। जिसके लिए निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, बच्चे की फोटो, जन्म तिथि प्रमाण पत्र बीएसए या बीईओ कार्यालय में दस्तावेज़ जमा करना अनिवार्य होगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन पाठक ने बताया कि आरटीई के तहत तीन चरणों में आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। हमारा प्रयास है कि जिले का कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
