भारत-अमेरिका डील पर बोले मुख्यमंत्री योगी- यह आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम

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Published By Deepak Mishra
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लखनऊ। भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है। सीएम योगी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "यह अंतरिम व्यापार ढांचा 'मेक इन इंडिया' को निर्णायक बढ़ावा देता है। यह भारतीय उत्पादों के लिए वैश्विक बाजार तक पहुंच का विस्तार करता है और साथ ही किसानों, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका की रक्षा करता है।" 

सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा, "उन्होंने एक संतुलित, पारस्परिक और भारत-प्रथम समझौते को सुरक्षित करने में अपने निर्णायक और गतिशील नेतृत्व का प्रदर्शन किया, जो एमएसएमई को सशक्त बनाता है, निर्यात को बढ़ावा देता है, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करता है और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करता है।" उन्होंने यह भी कहा कि बढ़ता भारत-अमेरिका सहयोग 'मेड इन इंडिया' में बढ़ते वैश्विक विश्वास को दर्शाता है और वैश्विक विकास के एक प्रमुख चालक के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत करता है।

केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने की व्यापार समझौते की प्रशंसा

इससे पहले, राष्ट्रीय लोकदल के नेता और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने भी भारत-अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की प्रशंसा की। उन्होंने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने किसान, कामगार, कारीगर, कुटीर उद्योग और युवाओं के लिए ही दूसरे देश और समूह के साथ व्यापार नीति और करार में परिवर्तन के लिए प्रयास किया है। उन्होंने स्वयं इस बात को दो टूक कहा था और कई बार दोहराया भी।" उन्होंने कहा, "देश का किसान भी जानता है कि बेहतर दाम, उत्पाद और आर्थिक तरक्की के लिए विज्ञान, विधि और व्यापार से ही उनकी मेहनत रंग लाएगी। किसान खुशहाल, गांव संपन्न, और हम विकसित भारत की ओर।"

जितिन प्रसाद ने का टैरिफ में कमी साबित होगी गेम चेंजर

केंद्रीय राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने व्यापार समझौते को लेकर कहा, "भारतीय निर्यातकों के लिए पारस्परिक टैरिफ में 18 प्रतिशत की कमी गेम चेंजर साबित होगी। कपड़ा और चमड़े से लेकर मशीनरी और हस्तशिल्प उत्पादों तक, यह समझौता विस्तार, वैश्विक पहुंच और प्रतिस्पर्धात्मकता के अवसर पैदा करता है।" जितिन प्रसाद ने यह भी बोला कि भारत और अमेरिका में होने वाले अंतरिम समझौते का फ्रेमवर्क डिजिटल सेवा क्षेत्र में भारत की अग्रणी स्थिति को और अधिक मजबूत करेगा। दोनों देशों के बीच संयुक्त प्रौद्योगिकी सहयोग से भारत भविष्य में एआई, डेटा और डिजिटल सेवाओं के केंद्र के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में डेयरी, फल, सब्जियां, मसाले और अन्य अनाजों को संरक्षित किया गया है। स्थानीय कृषि को इतने बड़े बाजार में मजबूती मिलेगी और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक और सशक्त कदम बढ़ेगा।

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