लखनऊ : प्रदेश में 11 से बढ़कर 21 होंगे सरकारी आई बैंक, SGPGI में जल्द शुरू होगा कॉर्निया प्रत्यारोपण

Amrit Vichar Network
Published By Virendra Pandey
On

लखनऊ, अमृत विचार : प्रदेश सरकार ने कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं के विस्तार की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। संजय गांधी स्नातकोत्तरआयुर्विज्ञान संस्थान (एसजी पीजीआई) के नेत्र रोग विभाग में इसी वर्ष कॉर्निया प्रत्यारोपण की सुविधा शुरू की जाएगी। संस्थान प्रशासन ने इसकी तैयारियां प्रारंभ कर दी हैं।

चिकित्सा शिक्षा के अपर मुख्य सचिव अमित घोष ने शनिवार को संस्थान में आयोजित संगोष्ठी में बताया कि अगले दो वर्षों में प्रदेश में सरकारी आई बैंक और कॉर्निया प्रत्यारोपण केंद्रों की संख्या 11 से बढ़ाकर 21 की जाएगी। प्रत्यारोपण प्रक्रिया को गति देने के लिए शासन स्तर पर टास्क फोर्स गठित की जाएगी, जिसमें शासन के अधिकारी,स्टेट अंग और टिशु ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन (सोटो) व नेत्र रोग विशेषज्ञ शामिल होंगे।

दो चरणों में खुलेंगे 10 नए केंद्र

सोटो के प्रदेश संयुक्त निदेशक एवं एसजी पीजीआई के एमएस डॉ. राजेश हर्षवर्धन ने बताया कि दो वर्षों में दो चरणों में पांच-पांच नए आई बैंक और कॉर्निया प्रत्यारोपण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसकी विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। वर्तमान में निजी क्षेत्र में लगभग 75 केंद्रों पर आई बैंक और कॉर्निया प्रत्यारोपण की सुविधा संचालित हो रही है। समारोह में अमित घोष ने डॉ. हर्षवर्धन की किताब फ्रॉम होप टू हीलिंग: ए प्रैक्टिकल गाइड टू ट्रांसप्लांट सिस्टम इन इंडिया का विमोचन किया। इस मौके पर पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमान, नोटो के निदेशक डॉ. अनिल कुमार,डॉ. शालिनी मोहन, डॉ. एसपी सिंह, डॉ. अल्का गुप्ता, डॉ. शेफाली मजूमदार, डॉ. अभिषेक चंद्रा ने अहम जानकारी साझा की।

केजीएमयू के बाद अब पीजीआई में भी सुविधा

केजीएमयू के बाद अब पीजीआई में भी कॉर्निया प्रत्यारोपण की सुविधा उपलब्ध होगी। नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. विकास कनौजिया ने बताया कि विभाग ने एक वर्ष के भीतर सेवा शुरू करने की योजना बनाई है और तैयारी अंतिम चरण में है। उन्होंने प्रदेश में कॉर्निया प्रत्यारोपण रजिस्ट्री बनाने का सुझाव भी दिया, जिससे जरूरतमंद मरीजों और प्रत्यारोपण से जुड़े आंकड़ों का सुव्यवस्थित संकलन हो सके।

अंधत्व के प्रमुख कारण

कॉर्निया संक्रमण

आंखों में चोट या रासायनिक पदार्थ का पड़ना
मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद जटिलताएं

विटामिन-ए की कमी (विशेषकर बच्चों में)
जन्मजात कॉर्नियल विकार

यह भी पढ़ें : काशी : महाश्मशान मणिकर्णिका घाट पर खेली गई चिता भस्म की होली

संबंधित समाचार