Bareilly: बरेली कॉलेज का संग्रहालय देखरेख के अभाव में खुद बनता जा रहा इतिहास

Amrit Vichar Network
Published By Monis Khan
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बरेली, अमृत विचार। बरेली कॉलेज में इतिहास संग्रहालय बदहाली की दास्तां बयां कर रहा है। देखरेख के अभाव में कूड़ा घर बनकर रह गया है। संग्रहालय में दुर्लभ वस्तुएं और दस्तावेज धूल फांक रहे हैं।

इतिहास विभाग के पीछे बना इतिहास संग्रहालय का उद्घाटन वर्ष 2018 में उर्दू विभाग के पूर्व अध्यक्ष एवं प्रसिद्ध शायर प्रो. वसीम बरेलवी और कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव देवमूर्ति ने किया था। इससे कॉलेज की ऐतिहासिक धरोहरों को संजोने की नई उम्मीद जगी, मगर अनदेखी की वजह से संग्रहालय अपनी पहचान बचाने के लिए संघर्ष करता नजर आ रहा है। यहां दीवारों पर जमी काई और आसपास उगी झाड़ियां इसकी बदहाली की कहानी कह रही हैं। 

जिस स्थान पर छात्रों को इतिहास से रूबरू होना चाहिए था, वहां आज गंदगी और कूड़ा जमा हो रहा है। ताले लटके दरवाजे और टूटे फुटपाथ यह बताने के लिए काफी हैं कि जिम्मेदारों ने इसे पूरी तरह भुला दिया है। लंबा समय बीत जाने के बाद भी इसे सुचारू रूप से संचालित करने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। 

इतिहास में शोध करने वाले छात्रों के लिए जानकारी का केंद्र बनने वाला यह संग्रहालय खुद की बदहाली पर सिसक रहा है। इतिहास विभाग के विभाग प्रभारी डॉ. रामेंद्र सोलंकी ने बताया कि संग्रहालय की साफ-सफाई कराई जा रही है। परिसर के कूड़े को भी हटवाकर इसको छात्रों के लिए विकसित किया जाएगा। संग्रहालय के अंदर सफाई हो चुकी है।

 

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