Bareilly: गैस सिलेंडर की ओवर रेटिंग व कालाबाजारी पर होगी एफआईआर
बरेली, अमृत विचार। जनपद में 91 गैस एजेंसियाें पर और 193 पेट्रोल पंपों पर फुल स्टॉक होने के बावजूद उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कालाबाजारी, ओवर रेटिंग की खबरें आने के बाद जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने सख्ती करने के लिए आठ बिंदुओं पर एडवाइजरी जारी की है।
जिसमें गैस सिलेंडर की ओवररेटिंग और कालाबाजारी करने पर पकड़े जाने वाले एजेंसी कर्मचारी या अन्य लोगाें पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। एसडीएम, सीओ और क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके साथ ही ओवर रेटिंग मिलने पर एजेंसी का लाइसेंस सस्पेंड करने की बात कही।
जिले के सभी एसडीएम, सीओ और क्षेत्रीय पूर्ति अधिकारियों के लिए जारी किए आदेश में डीएम ने कहा है कि घरेलू गैस सिलेंडर की मांग के सापेक्ष आपूर्ति में कोई समस्या या रुकावट नहीं है। सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में स्वयं एवं अन्य मजिस्ट्रेट, पुलिस क्षेत्राधिकारी/थाना प्रभारी, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी/पूर्ति निरीक्षक के साथ निरंतर रूप से भ्रमणशील रहकर यह देखें कि कहीं पर भी घरेलू गैस सिलेंडर का अनधिकृत भण्डारण, डायवर्जन या कालाबाजारी तो नहीं हो रही है। गैस एजेंसियों के नियमित संपर्क में रहकर यह सुनिश्चित कराएं कि किसी भी एजेंसी पर अनाश्यक भीड़ न हो।
एजेंसी पर भीड़-भाड़ की स्थिति उत्पन्न होती है तो तत्काल मौके पर पहुंच व्यवस्था देखें। किसी भी उपभोक्ता से गैस के निर्धारित मूल्य से अधिक धनराशि न ली जाए। घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति करने वाले जनसेवा केन्द्रों पर भी कड़ी नजर रखें, जिससे कोई अनियमितता न की जा सकें। यदि कोई भी व्यक्ति, गैस एजेंसी, प्रतिष्ठान आदि घरेलू गैस सिलेंडर के किसी भी प्रकार के अनधिकृत भण्डारण, कालाबाजारी, ओवररेटिंग व डिलीवरी आदि में संलिप्त मिले तो सभी संबंधित के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम-1955 की धारा 3/7 एवं भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के अन्तर्गत मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई करें। गैस एजेंसियों के बाहर बैनर व फ्लैक्सी के माध्यम से घरेलू गैस सिलेंडर का पर्याप्त स्टॉक होने का विवरण लिखवाएं।
झूठा एवं भ्रामक दुष्प्रचार करने पर होगी कार्रवाई
डीएम ने आदेश में कहा है कि सोशल मीडिया पर घरेलू गैस सिलेंडर की कमी से संबंधित झूठा एवं भ्रामक दुष्प्रचार करने की सम्भावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। ऐसे व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखें। यदि कोई भी व्यक्ति/ सोशल मीडिया एकाउंट आदि इसमें संलिप्त पाए जाए तो उसके विरुद्ध दंडात्मक एवं विधिक कार्रवाई कराएं।
