लखनऊ हाईकोर्ट का सख्त आदेशः खरगापुर की सरकारी जमीनों से 3 महीने में हटाए जाए अवैध कब्जे
लखनऊ, अमृत विचार: गोमती नगर विस्तार में स्थित खरगापुर गांव में सरकारी व सार्वजनिक जमीनों से बिना अनुमति कब्जा हटाने का आदेश हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने नगर निगम और सदर तहसील को दिए हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने वकील विनय मिश्रा की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर दिया है।
याचिका में खरगापुर गांव के गाटा संख्या 248, 227 सा, 228, 246 और 247 की भूमि से जुड़ा है। इन गाटों में सरकारी दस्तावेज में तालाब, ऊसर और बंजर के तौर पर दर्ज जमीनों पर निजी व्यक्तियों और बिल्डर ने कब्जा कर रखा है। न्यायालय ने आदेश दिया है कि प्रश्नगत जमीनों का निरीक्षण किया जाए तथा यदि अवैध कब्जा पाया जाता है तो तीन माह में उसे हटा दिया जाए।
नगर निगम की तरफ से शैलेंद्र सिंह चौहान और राज्य सरकार की तरफ से पंकज श्रीवास्तव के पक्ष में वकील अभिराम सिंह ने ने दलीलें पेश की। नगर निगम की ओर से अदालत को बताया गया कि अतिक्रमण हटाने के लिए 13 मार्च 2026 को संयुक्त टीम द्वारा मौके का निरीक्षण प्रस्तावित था, लेकिन किसी कारणवश कार्रवाई उस दिन नहीं हो सकी और इसे स्थगित कर दिया गया। अदालत के इस आदेश के बाद अब प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है और आने वाले समय में उक्त भूमि पर बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
